ऊना,सुशील पंडित: मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत ऊना जिला में अब तक 399 पात्र बच्चों को लाभान्वित किया गया है और उन पर 4.99 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 2,267 लाभार्थियों को 3.26 करोड़ रुपये से अधिक, मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 335 पात्र परिवारों को 1.03 करोड़ रुपये से अधिक तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 283 पात्र परिवारों को 1.44 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है।
यह जानकारी उपायुक्त ऊना जतिन लाल की अध्यक्षता में आज (गुरुवार) को एनआईसी कक्ष में आयोजित 22वीं जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊना हरीश मिश्रा ने योजनावार प्रगति की जानकारी दी।
उपायुक्त ने बैठक में मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, मिशन वात्सल्य, पोषण अभियान तथा मुख्यमंत्री सुख आश्रय आवास योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई।उपायुक्त जतिन लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने तथा जमीनी स्तर पर इनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के वंचित, कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। महिलाओं, बच्चों, अनाथ एवं निराश्रित बच्चों, विधवाओं तथा अन्य जरूरतमंद वर्गों को इन योजनाओं का लाभ दिलाना विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लोगों को बिना अनावश्यक देरी के उनका लाभ मिले।
उपायुक्त ने अधिकारियों को लाभार्थियों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए।
पोषण माह में जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश
बैठक में पोषण माह के तहत जिले में आयोजित की जा रही गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के प्रति जागरूक करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पोषण माह के दौरान अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा पोषण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीसी ऊना इशांत जसवाल, डीएसपी हेमराज वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश मिश्रा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।