चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधि बदलाव की केवल साक्षी नहीं, बल्कि बदलाव की शिल्पकार हैं। महिलाएं जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी करती हैं तो उनकी आवाज के साथ परिवार, समाज और राष्ट्र की आकांक्षाएं भी निर्णय के केंद्र तक पहुंचती हैं। महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, समावेशी और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘She Is A Change Maker’ कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक धनेश अदलखा, नगर निगम महापौर प्रवीण बत्रा जोशी, हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शिनी, ओडिशा विधानसभा की स्पीकर सुरमा पाढ़ी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को मिला नया आत्मविश्वास
नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां लागू की गई हैं। जन-धन खातों से लेकर मुद्रा योजना, उज्ज्वला योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर काम हुआ है।

‘चेंज मेकर’ का संदेश तभी सार्थक होगा, जब कार्यशाला में हुए विचार-विमर्श का प्रभाव नीतियों और जनजीवन में दिखाई दे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला जनप्रतिनिधियां यहां प्राप्त अनुभवों को अपने-अपने राज्यों में प्रभावी रूप से लागू करेंगी और लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, समावेशी एवं परिणामकारी बनाने में योगदान देंगी।