चंडीगढ़: एक जून से शुरू हुआ कैब चालकों का प्रदर्शन आखिरकार सौ दिन बाद समाप्त हो गया। चंडीगढ़ में चारों प्रमुख टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए जाने के बाद कैब चालकों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
कैब यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह और कैब चालक प्रिंस पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। आज भाजपा नेता एवं पूर्व महापौर अरुण सूद सेक्टर 25 स्थित रैली मैदान पहुंचे और दोनों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त करवाया।
आज उबर और रैपिडो के चंडीगढ़ में सेवा प्रदाता लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए गए। इससे पहले परिवहन विभाग द्वारा ओला और इनड्राइव के लाइसेंस भी निलंबित किए जा चुके हैं। इस तरह अब चंडीगढ़ में चारों प्रमुख सेवा प्रदाता कंपनियों के लाइसेंस निलंबित हो चुके हैं।
यात्रियों और चालकों के पास भारत टैक्सी का विकल्प
भाजपा नेता अरुण सूद ने कहा कि अब चालकों और यात्रियों के पास भारत टैक्सी के रूप में एक विकल्प मौजूद है। उन्होंने निजी टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियों को भी स्पष्ट संदेश दिया कि अब उनकी मनमानी नहीं चलेगी और उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम करना होगा।
कैब चालकों ने भाजपा नेता अरुण सूद, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, परिवहन सचिव दीप्रवा लाकड़ा और राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव नितीश सिंगला का विशेष धन्यवाद किया। चालकों ने कहा कि नीति निर्धारण से लेकर टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई तक इन सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी भी कैब चालकों को बधाई देने के लिए सेक्टर 25 स्थित रैली मैदान पहुंचे। उन्होंने आंदोलन समाप्त होने पर कैब चालकों से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी।