कानपुरः उत्तर प्रदेश के कानपुर में विनीत मिनोचा मर्डर की गुत्थी सुलझ गई है। रतन ऑर्बिट में कांड की मास्टरमाइंड दवा कारोबारी की ही बहू शालू निकली है। शालू ने कम पैसे मिलने से नाराज होकर ये साजिश रची थी। साथ ही पुलिस ने बताया है कि शालू रोका टोकी से परेशान थी और घर में प्राइवेसी खत्म किए जाने के आरोप लगा रही है। हालांकि, विनीत मिनोचा केस में अब भी जांच जारी है और खुलासे होना बाकी है।
आरोपियों का कहना है कि शालू घर में पाबंदियों और खर्च के लिए कम रुपए मिलने से नाराज चल रही थी। साथ ही उन्होंने ये भी खुलासा किया है कि शालू इस बात से भी नाराज थी कि करोड़पति परिवार में रहने के बाद भी उसके बाहर जाने पर रोक-टोक की जाती थी और पार्टी करने की छूट नहीं थी। कहा जा रहा है कि अन्य कर्मचारियों की तरह बेटे और बहू को घर में सैलरी की तरह पैसे दिए जाते थे।
इस कांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम विशाल गौतम और राज किशोर हैं। विशाल ने बताया कि पहले जन्माष्टमी के दिन वारदात को अंजाम देने का प्लान था। उन दिन भी शालू ने विशाल को शिवम बताकर इंट्री कराई थी। गेट पर गार्ड को रजिस्टर में इंट्री करने से मना कर दिया था पर जन्माष्टमी के दिन प्लान सफल नहीं हो सका।
इसके बाद शनिवार का दिन तय किया गया। शालू अपने पति और बच्चे के साथ पार्टी में गई तो ठीक 10 मिनट बाद दोनों आरोपी चाबी से दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया है कि विशाल एक बार ताला खोलने की कोशिश करता है तो डुप्लीकेट चाबी नहीं लगती। दूसरी बार प्रयास करने में ताला खुल जाता है।
विनीत की हत्या करने के बाद विशाल और राजकिशोर के हाथ, मुंह और कपड़ों में खून लग गया था। जिसके बाद दोनों ने हाथ मुंह धोया और नीचे उतरकर आए। दोनों मुख्य द्वार से बाहर न जाकर बाएं हाथ पर बने पार्क से होते दीवार फांदकर भाग निकले। पुलिस को दोनों ने बताया कि मुख्य मार्ग से जाते तो कपड़ों पर खून लगे होने से पकड़े जाने का डर था, इसलिए दूसरे रास्ते से बाहर निकले।
पुलिस ने विशाल गौतम और शालू के फोन का सीडीआर निकाला है। सूत्रों के मुताबिक हत्या वाले दिन दोपहर 12 से रात 9 बजे तक 12 बार बातचीत हुई। हर बात लंबी बात नहीं हुई बल्कि एक से डेढ़ मिनट ही बात हुई। जिसमें वाट्सऐप और नियमित दोनों कॉल शामिल हैं। विशाल के फोन पर एक मैसेज पुलिस काे मिला है जिसमें लिखा था, हम लोग निकल रहे हैं। बस इसी बात पर पुलिस का शक शालू पर बढ़ गया।
इसी बीच विशाल ने दिए बयान में भी यह बात कुबूल कर ली। जिसके बाद पुलिस ने दोनों के बीच हुई बातचीत की सीडीआर निकाली तो आंखे खुली रह गईं। मई से अब तक निकाले गए डाटा में दोनों के बीच 309 बार बात हुई।