नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान में तनाव अब फिर से बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान के चेतावनी दे डाली है। उनका कहना है कि ईरान ने अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमला किया तो अमेरिका ईरान के तेल टैंकरों को ही नष्ट कर देगा। पीट हेगसेथ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी चेतावनी दी है। उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कपूर के बयान को साझा करते हुए ईरान के चेतावनी दे डाली है। कूपर का यह कहना था कि यदि ईरान अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है तो उसको इसकी बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी। हेगसेथ ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा है कि यह आसान है कि – ‘यदि ईरान अमेरिका के जहाजों पर गोली चलाएगा तो हम उसके तेल टैंकरों को ही नष्ट करके डुबो देंगे। उसको बस इतना ही कहना है कि वो अमेरिका की नौसेना पर हमला ही न करे’।
It’s simple: if Iran shoots at U.S. ships, we will destroy (and sink) their oil tankers. All they have to do is not shoot at @USNavy.
Iran’s oil tanker fleet is defenseless — Iran has no navy or air force. Our planes, ships & subs can strike them all, in @CENTCOM & @USPACOM. https://t.co/lr5TaxloBw
— Pete Hegseth (@PeteHegseth) September 5, 2026
अमेरिका अपने सैनिकों की रक्षा करने से पीछे नहीं हटेगा
कूपर ने यह अलग से कह दिया है कि यदि ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स दो अमेरिका के जहाजों पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना जवाबी कार्रवाई में तीन ईऱान के जहाजों को निशाना बना लेगी। उनका कहना है कि अमेरिका अपने सैनिकों और जहाजों की रक्षा करने में भी पीछे नहीं हटेगा। जरुरत पड़ने पर ईरान के सीमित और आसानी से निशाना बनाए जाने वाले तेल बेड़े को भी नष्ट कर सकते हैं।
तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हुआ हमला
इसके अलावा अमेरिका के चेतावनी देने से पहले ही अमेरिका ने तीन ईरानी तेल टैकरों पर भी हमला किया था। इसमें से एक टैंकर ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के पास था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये हमले तब किए गए जब ईरान के IRGC ने अमेरिका के नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी थी।
ईरान ने भी दे डाली धमकी
अमेरिकी हमला और चेतावनियों के बाद ईरान ने भी अपना रुख और सख्त कर दिया है। ईरानी सैन्य कमान ने यह चेतावनी दी है कि यदि ईरानी जहाजों को परेशान करना और समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी। इससे अमेरिकी सैन्य जहाजों के खिलाफ ईरान के हमले भी पहले से ज्यादा गंभीर होंगे। ईरान का कहना है कि ऐसी स्थिति में उसके हमले का दायरा भी बढ़ेगा।