नई दिल्ली: ट्रेन में कंफर्म टिकट मिलने के बाद यात्रियों को अक्सर अपने सामान की चिंता नहीं रहती। यात्रियों को लगता है कि अब सफर में सामान को लेकर कोई भी दिक्कत नहीं होने वाली है। भारतीय रेलवे ने ट्रेन के अलग-अलग क्लास के अनुसार, अब यात्रियों के साथ लाने वाले मुफ्त सामान की सीमा फिक्स करके रख दी है। ऐसे में यदि आपका सामान एक फिक्स लिमिट से ज्यादा होगा तो आपको एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ेगा।
वसूला जाएगा एक्स्ट्रा चार्ज
कई यात्री ऐसे होते हैं जो कि फ्लाइट में सफर करते समय बैगेज का वजन चेक करते हैं पर ट्रेन में इस बात को नजरअंदाज कर दिया जाता है। रेलवे के नियमों के अनुसार, रिजर्वेशन टिकट के साथ भी सामान की एक लिमिट होती है। यदि जांच के दौरान फिक्स सीमा से ज्यादा लगेज मिलेगा तो यात्री ने उसको पहले से बुक नहीं करवाया है ऐसे में रेलवे एक्स्ट्रा चार्ज वसूल सकता है।
70 किलो तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति
ट्रेन में सामान मुफ्त सीमा यात्रा की क्लास के अनुसार बदलेगी। स्लीपर और 3rd AC में यात्री 40-40 किलो तक सामान बिना एक्स्ट्रा चार्ज के लाएंगे। वहीं 2nd Ac में यह सीमा 50 किलो की होगी। इसके अलावा 1st Ac के यात्रियों को 70 किलो तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति होती है। वहीं अगर आपके पास ज्यादा लिमिट होगी तो ट्रेन में चढ़ने से पहले ही एक्स्ट्रा सामान की बुकिंग करवा लें। इसके लिए रेलवे स्टेशन के लगेज या फिर भी पार्सल ऑफिस में जाकर फिक्स चार्ज भी जमा करवा सकते हैं। इससे सफर के दौरान यदि जांच होगी तो आपको कोई भी परेशानी नहीं आएगी।
बिना बुकिंग के देना पड़ेगा चार्ज
लिमिट में यदि आप ज्यादा सामान लेकर बिना बुकिंग यात्रा करते हैं तो रेलवे एक्स्ट्रा चार्ज लगाएगा। कुछ मामलों में यह चार्ज से 6 गुना ज्यादा भी हो सकता है। ऐसे में एक्स्ट्रा सामान होने पर पहले ही बुकिंग करवा लें। अगर घर शिफ्ट करने के लिए आपको बहुत सामान लेकर जाना है या फिर कोई भारी कमर्शियल सामान भेजना है तो उसको यात्री कोच की जगह रेलवे की पार्सल सेवा से भेजना सही रहेगा। इससे सामान को संभालने की दिक्कत कम होगी और लगेज नियम भी नहीं टूटेगा। बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ भी सफर करते समय यह ध्यान रखें कि जरुरत से ज्यादा सामान अपने साथ नहीं रखें।