चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत सभी के हैं और हम सभी संतों के हैं। संत-महापुरुषों की शिक्षाएं किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण समाज और मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इसी भावना के अनुरूप ‘गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ के लिए गठित कमेटी में विपक्ष के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मंगलवार को विधानसभा में ‘संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान’ पर पेश किए गए सरकारी संकल्प पर चर्चा के दौरान विधायक बी.बी. बत्रा द्वारा कमेटी में विपक्ष को प्रतिनिधित्व दिए जाने का विषय उठाए जाने पर सदन में जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था कि सरकारें आएंगी—सरकारें जाएंगी, लेकिन यह देश रहना चाहिए। यही संदेश हमारे गुरुओं ने भी दिया है। इस संदेश को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।
जिस पवित्र भूमि पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज का प्रकाश हुआ है, वहां की मिट्टी घर-घर तक पहुंचनी चाहिए। इसलिए ‘संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान’ को राजनीति से ऊपर उठकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। आज सदन में लाया गया सरकारी संकल्प परम श्रद्धेय संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व से संबंधित है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का ध्येय संत-महापुरुषों का मान-सम्मान करना तथा उनकी शिक्षाओं और संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं की वाणी हमें यह संदेश देती है कि कोई भी व्यक्ति अपने जन्म के कारण छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि अपने कर्मों के कारण छोटा या बड़ा होता है। मुख्यमंत्री ने ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में सभी हरियाणावासियों, विशेष रूप से विभिन्न संतों, महंतों, धर्माचार्यों एवं डेरा प्रमुखों, मंदिर समितियों तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।