आरोपः किताब ना लाने पर टीचर ने बच्ची को पीटा
नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली में मयूर विहार फेज-दो के पूर्वी विनोद नगर स्थित सर्वोदय कन्या-बाल विद्यालय में कक्षा सात की 13 वर्षीय छात्रा अवनी की शिक्षिका की पिटाई के बाद मौत होने के आरोप से सोमवार को हंगामा मच गया। परिवार का आरोप है कि 7वीं क्लास की बच्ची को स्कूल टीचर ने प्रताड़ित किया, जिससे बच्ची डिप्रेशन में चली गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, 27 अगस्त को बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत से नाराज स्वजन और अन्य अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा निदेशालय ने जांच कमेटी गठित की है। कमेटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। दरअसल, स्वजन का आरोप है कि किताब नहीं लाने पर शिक्षिका मीनू ने अवनी की पिटाई की थी। 22 अगस्त को उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे इहबास अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 27 अगस्त को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जांच के लिए शिक्षा निदेशालय ने कमेटी गठित की है। अवनी खिचड़ीपुर में परिवार के साथ रहती थी और विद्यालय की सुबह की पाली में पढ़ती थी। उनका आरोप है कि किताब नहीं लाने पर शिक्षिका ने बच्ची की पिटाई कर बाथरूम में बंद कर दिया था।
मानसिक उत्पीड़न और पिटाई से उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिवार ने उसे इहबास में भर्ती कराया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी जान चली गई। बच्ची की मौत के बाद परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को नाराज स्वजन और अन्य अभिभावक बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। कुछ देर के लिए स्कूल परिसर के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है और उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस संबंध में पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने कहा, ‘एक छात्रा की मृत्यु हो गई है। परिवार का आरोप है कि जब छात्रा बीमार पड़ी, तो स्कूल अधिकारियों ने उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया। बाद में, छात्रा को 25 दिनों तक आईएचबीएएस में भर्ती रखा गया, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। मैंने मामले का संज्ञान लिया है और आश्वासन दिया है कि छात्रा की मृत्यु के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।’