अमृतसरः भंडारी पुल पर दलित समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा 2 अलग-अलग मामलों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पीड़ित महिलाओं प्रेम कौर और उषा द्वारा इंसाफ की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर मामलों में उचित कार्रवाई न करने के आरोप लगाए। धरने के दौरान संगठन के नेता शब्बीर द्राविड़ ने कहा कि दोनों महिलाएं लंबे समय से प्रशासन से इंसाफ की मांग कर रही हैं, लेकिन इंसाफ न मिलने के कारण उन्हें भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मामले हल न किए गए और कथित झूठे पर्चे रद्द न हुए तो पंजाब के तमाम संगठनों को साथ लेकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। आल इंडिया शेड्यूल कास्ट फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश कुमार जग्गू ने आरोप लगाया कि प्रेम कौर की पोती को एक हत्या के मामले में फंसाया गया है। उनके मुताबिक लड़के की एक रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिसमें उसने अपने परिवार से दुखी होने की बात कही थी। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार को इंसाफ देने की मांग की।
महिला विंग पंजाब की अध्यक्ष सिमरनजीत कौर ने कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे पीड़ित महिलाओं के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने अपने भाई पर विभिन्न स्थानों पर हुए कथित हमलों का मुद्दा भी उठाया और पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए। प्रेम कौर ने अपनी पोती को कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने के आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास मामले से संबंधित रिकॉर्डिंग मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने भी यह रिकॉर्डिंग सुनी है। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ मारपीट होने के बावजूद उनकी पोती को जेल भेज दिया गया।
दूसरी ओर उषा ने दुकान की साझेदारी से जुड़े विवाद को लेकर इंसाफ की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिसाब मांगने पर उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर झूठा पर्चा दर्ज कराया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने कहा कि सभी मामले अलग-अलग थानों से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के पास मामले भेजे जाएंगे और जायज मामलों की जांच करके कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सुसाइड मामले में बताई जा रही रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव के माध्यम से देने के लिए भी कहा गया है।