चंडीगढ़: कानूनी साक्षरता और सुरक्षात्मक उपायों के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) ने पूरे राज्य में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा हालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिबल के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों को “यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012” (पोक्सो एक्ट) के प्रावधानों, परिणामों और सुरक्षा तंत्र से अवगत कराना है।
एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 मई, 2026 से 15 अगस्त, 2026 के बीच प्रदेश के 1,731 स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में 2,296 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 3,10,841 से अधिक विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इस अभियान को जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों, स्कूल प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और स्कूल प्रशासन का सहयोग रहा।
पारंपरिक भाषणों के बजाय स्थानीय भाषा और आयु-अनुकूल माध्यमों का उपयोग किया गया, जिससे बच्चे आसानी से विषय को समझ सकें। कार्यक्रमों में साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया और तकनीक का जिम्मेदार उपयोग, सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श, शोषण एवं दुर्व्यवहार से बचाव तथा अपराध की स्थिति में कानूनी मदद और रिपोर्टिंग के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इस पहल के माध्यम से हालसा का उद्देश्य एक ऐसा सुरक्षित माहौल तैयार करना है जहां बच्चे अपने अधिकारों, जिम्मेदार व्यवहार और सुरक्षा के कानूनी विकल्पों के प्रति पूरी तरह जागरूक हो सकें।

