जालंधर, ENS: कौमी इंसाफ मोर्चे द्वारा आज पंजाब बंद की कॉल के दौरान मकसूदा की सर्विस रोड पर डायलसिस हो रही पत्नी को देखने के लिए अस्पताल जा रहे कार सवार से हाथापाई का मामला सामने आया है। वहीं गुरु नानक मिशन चौक पर धरने पर बैठी जत्थेबंदी ने कहाकि शाहकोट, लौहियां सहित अन्य जगहों पर शांतिमय ढंग से बंद करवाया गया और लोगों ने भी बंद की कॉल पर भरपूर समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने मकसूदा में पत्नी के पास अस्पताल जा रहे कार सवार से हाथापाई को लेकर कहा कि उन्होंने भी वीडियो देखी है।
उन्होंने कहा कि यह निंदनीय घटना है। जत्थेबंदी ने कहाकि इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी। उन्होंने कहाकि बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर सड़कों पर बैठे जत्थेबंदियों का यह काम नहीं है।
क्योंकि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए शांतिमय ढंग से शहर को बंद करवाया जा रहा है और वह ऐसी गलती नहीं कर सकते। इस दौरान उन्होंने कहा कि एजेंसी भी ऐसे काम करवाती है और इस मामले की उनके द्वारा गहनता से जांच करवाई जाएगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिसके बाद बनती कार्रवाई को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहाकि हमें विश्वास है कि ऐसी घटना उनकी जत्थेबंदियों द्वारा नहीं की जा सकती, फिर भी मामले की जांच की जाएगी।
बता देंकि घटना के दौरान कार सवार ने कहा कि उसकी पत्नी की डायलसिस हो रही है। इस दौरान उसने अस्पताल की पर्ची भी दिखाई। व्यक्ति ने कहाकि सिख व्यक्ति उसे कहने लगा कि उसने गाली निकाली है, जबकि उसने गाली खुद को दी। वह खुद परेशान चल रहा है, एक ओर पत्नी की डायसिलस चल रही है और दूसरा उसे अस्पताल जाने नहीं दिया जा रहा। वहीं दोनों में हाथापाई की तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे को थप्पड़ मारे गए।
इस दौरान भड़के सिख व्यक्ति ने साथी से बरछा छीनकर मारने की कोशिश की, लेकिन साथी ने बरछा नहीं दिया। वहीं हंगामा होने पर अन्य सिख मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामले को शांत करवाया। घटना के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके बाद कार सवार को जत्थेबंदियों द्वारा रवाना किया गया।

