जालंधर, ENS: बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर आज कौमी इंसाफ मोर्चे द्वारा पंजाब बंद की आह्वान किया गया है। ऐसे में जहां शहर में कई जगहों पर बंद का असर देखने को मिला, वहीं दिलकुशा मार्केट में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। इसकी तस्वीरें भी सामने आई, जिसमें देखा जा सकता है कि मार्केट में दवाई की कुछ दुकानों के साथ फोटो स्टेट की दुकानें भी खुली हुई है। इसी तरह पटेल चौक में फ्लावर मार्केट भी खुली हुई दिखी। हालांकि जत्थेबंदियों द्वारा गुरु नानक मिशन चौक और रामामंडी में धरना लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा है।
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वहीं जत्थेबंदियों द्वारा शहर के मुख्य रास्तों में वाहनों पर सवार होकर दुकाने बंद को लेकर अनाउंसमेंट की जा रही है और बंदी सिंहों रिहाई को लेकर लोगों से दोपहर 2 बजे से उनका साथ देने की अपील की है। बता दें कि बंद की कॉल को लेकर शहर में अधिकतर स्कूल-कॉलेज पहले से बंद किए गए है। हालांकि बंद की कॉल को लेकर अधिकतर सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानों के शटर गिरे हुए हैं और बाजारों में दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा।
कौमी इंसाफ मोर्चा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या और 1993 दिल्ली बम धमाके जैसे मामलों में सजा काट रहे बंदियों की रिहाई और पैरोल की मांग कर रहा है। मोर्चे की प्रमुख मांगों में बलवंत सिंह राजोआना शामिल हैं, जिन्हें 2007 में फांसी की सजा सुनाई गई थी लेकिन इसे कई बार स्थगित किया जा चुका है। इसके साथ ही जगतार सिंह हवारा की रिहाई और पैरोल की मांग की जा रही है, जिन्हें फांसी की सजा मिली थी जिसे 2010 में उम्रकैद में बदल दिया गया था। इसके अलावा 2010 में कैदी को भगाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने की साजिश में 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा पाए गुरदीप सिंह खेड़ा की रिहाई की मांग भी इस आंदोलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल है।

