जालंधर, ENS: फिल्लौर पुलिस की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। दरअसल, रात को चोरी के केस में लेकर आए व्यक्ति ने हवालात में चादर का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पर पहले भी चोरी के मुक्दमे दर्ज बताए जाते है। प्राप्त सूचना के अनुसार गत रात्रि फिल्लौर पुलिस का थानेदार जसविंदर सिंह नजदीकी गांव नगर के रहने वाले मनदीप राम दीपू 28 पुत्र दयाल दास को चोरी के केस में पकड़ कर थाने लाए थे। जहां उसकी जामा तलाशी लेने के बाद उसे हवालात में बंद कर दिया गया। हवालात में दीपू अकेला बंद था। प्रातः साढ़े 7 बजे पुलिस मुलाजिम शौचालय से निकल कर मुंशी के कमरे की तरफ जाने लगा तो उसने दीपू को चादर का फंदा बनां कर लटकता हुआ देखा।
दीपू द्वारा हवालात में आत्म हत्या करने का पता चलते पुलिस मुलाजिमों के हाथ पांव फुल गए और आनन फानन में उन्होंने इसकी जानकारी उच्च अधिकारीयों को फोन पर दी। जिसके बाद एसपीडी जालंधर, डीएसपी सब डवीजन फिल्लौर भरत मसीह पुलिस थाने पहुंचे और मृतक दीपू की लाश को हवालात से निकाल कर पोर्स्टमार्टम के लिए स्थानीय सिवल हस्पताल लेकर गए। देर शाम तक पत्रकार उच्च अधिकारीयों से जानकारी मांगते रहे अधिकारी टालम टोल करते रहे। यह भी पता चला है कि पुलिस के कुछ अधिकारी मृतक के परिवार वालों पर शाम तक समझौता करने के लिए दबाव बनाते रहे। जिसमें पुलिस काफी हद तक कामयाब हो गई। समाजसेवी संदीप सिंह ने कहा यह स्थानीय पुलिस की सबसे बड़ी लापरवाही है बेशक पुलिस मृतक के परिवार वालों को मनानेमें कामयाब रही, लेकिन यह मानव अधिकार योग की बड़ी उल्लंघना है।
उन्होंने कहा ना जाने रात्रि को जब पुलिस दीपू को पकड़ कर थाने लेकर आई उस पर किस प्रकार के अत्याचार किए होंगे कि पुलिस के डर से उसने प्रातः होने से पहले ही हवालात में किसी चादर या कपड़े का फंदा बनां कर अपने प्राण त्याग दिए। उन्होंने कहा मृतक को किसी भी जुर्म में पकड़ कर लाया गया हो जो घटना थाने में घटित हुई है। वह जनहित में पटीशन डालकर स्थानीय पुलिस के उन अधिकारीयों के खिलाफ कारवाई करवाएंगे, जिसके चलते दीपू की जान गई। देर शाम साढ़े 5 बजे स्थानीय अदालत से जज साहिब हस्पताल में पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक के परिवार वालों से कारवाई करने के लिए पूछा परिवार वालों ने जब सहमति नहीं जताई तो उसके पश्चात शव का पोस्टमार्टम करवा कर संस्कार करवाने के लिए मृतक का भाई उसे गांव ले गया।
हवालात में फंदा लगा कर जान देने की फिल्लौर पुलिस थाने में यह कोई पहली घटना नहीं है, कुछ वर्ष पहले भी थाने में एक युवक को किसी मामले में पकड़ कर लाया गया था, जिसे एएसआई ने पहले बुरी तरह से मारा पीटा। युवक जब पीने वाले पानी के लिए तड़प रहा था तो उस पर थ्रर्ड ड्रिगी का इस्तेमाल करते हुए थानेदार ने उसके मुंह में बैटरी में डालने वाला एसीड डाल दिया था,जिसे पीने के बाद युवक की हालत गंभीर हो गई और उसे खुन की उल्टीयां आने लगी थी। जिसके बाद उसे ईलाज के लिए उसे हस्पताल ले जाने से पहले ही उसने थाने में ही दम तोड़ दिया। उक्त घटना में लापरवाही बरतने पर उस वक्त थानेदार ज्ञान ईश्वर के विरूद्ध मुकद्दमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसका बाद में केस अदालत में चला था।

