शिमला: वाहिनी स्कॉलरशिप ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से भेंट कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए ट्रस्ट द्वारा चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ट्रस्ट वर्तमान में हर वर्ष 80 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर रहा है। इस संख्या में हर वर्ष 10 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है। अब तक इस योजना से 348 विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं।
छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों के लिए है, जिनके परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। पात्र विद्यार्थियों के लिए 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में कम से कम 85 प्रतिशत अंक तथा वर्तमान में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत होना अनिवार्य है। ट्रस्ट द्वारा विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस और शैक्षणिक खर्च के लिए पूरी आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त लैपटॉप, वाई-फाई, पुस्तकें, छात्रावास की सुविधा और वर्ष में एक बार घर आने-जाने का खर्च भी प्रदान किया जाता है। इस सहायता से विद्यार्थी उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें एमबीबीएस, एलएलबी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट तथा अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रम शामिल हैं। विद्यार्थियों को मेंटरशिप, करियर काउंसलिंग और कौशल विकास के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं।
शिक्षा मंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होगी। विशेष रूप से ग्रामीण, दूर-दराज और पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानी के बिना उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद प्राप्त होगी।
रोहित ठाकुर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस छात्रवृत्ति योजना का प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र विद्यार्थियों को योजना और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिल सके। जानकारी के अभाव में कोई भी योग्य विद्यार्थी इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस अवसर पर वाहिनी स्कॉलरशिप ट्रस्ट की प्रबंध निदेशक राशमनी, ऑपरेशन मैनेजर खुशनुमा परवीन तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

