24 घंटे डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ रहेगा तैनात, सुरक्षा के सख्त इंतजाम
अमृतसरः गुरु नानक देव अस्पताल अमृतसर में जेल विभाग की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए नए जेल वार्ड की शुरुआत की गई है। जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अस्पताल पहुंचकर इस नए बने जेल वार्ड का उद्घाटन किया। इस मौके पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. कर्मजीत सिंह ने बताया कि नए वार्ड के बनने से जेलों से इलाज के लिए आने वाले कैदी मरीजों को अब और बेहतर और सुव्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकेंगी। डॉ. कर्मजीत सिंह ने बताया कि नए जेल वार्ड में कुल 30 बिस्तर रखे गए हैं। इस वार्ड में गुरु नानक देव अस्पताल का डॉक्टरी और नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे ड्यूटी पर मौजूद रहेगा। मरीजों को जरूरत के अनुसार दवाएं भी अस्पताल की ओर से मुफ्त मुहैया कराई जाएंगी। इससे जेल में बंद मरीजों को इलाज के लिए और व्यवस्थित ढंग से स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने बताया कि वार्ड की सुरक्षा को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। जेल वार्ड को इस तरह तैयार किया गया है कि यहां दाखिल कैदी बिना इजाजत वार्ड से बाहर न जा सके। वार्ड के गेट, ग्रिल और अन्य सुरक्षा इंतजाम जेल विभाग की जरूरतों के अनुसार किए गए हैं। डॉ. कर्मजीत सिंह ने कहा कि वार्ड की सुरक्षा के लिए लगभग 15 सीसीटीवी कैमरे अंदर लगाए गए हैं। इसके अलावा वार्ड के बाहरी गलियारे और आसपास के क्षेत्रों को भी कैमरों से कवर किया गया है। इन कैमरों की निगरानी के लिए वार्ड में विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के कार्यालय से भी इन कैमरों की 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस अमृतसर सेंट्रल जेल के कंट्रोल रूम में भी दिया गया है, ताकि जेल विभाग के अधिकारी भी जेल वार्ड पर लगातार नजर रख सकें।
इस व्यवस्था से किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए वार्ड में तीन अतिरिक्त गेट भी लगाए गए हैं। ये गेट विभिन्न स्तरों पर सुरक्षित रूप से बंद रहेंगे और इन्हें केवल अधिकृत जेल या पुलिसकर्मी ही खोल सकेंगे। आम व्यक्ति की वार्ड के अंदर सीधी पहुंच नहीं होगी। डॉ. कर्मजीत सिंह ने बताया कि इस समय जेल वार्ड की सुरक्षा के लिए एक समय में आठ पुलिसकर्मी दिन-रात ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इस तरह मेडिकल सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। नए वार्ड के शुरू होने से जेल मरीजों को इलाज मुहैया कराने की प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनने की उम्मीद है।

