ऊना,सुशील पंडित: जिला पुलिस ऊना की साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति की पूरी 1.50 लाख रुपये की राशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को जिला ऊना के एक व्यक्ति ने साइबर सेल में उसके साथ हुई 1.50 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत मिलते ही साइबर सेल ने संबंधित बैंक, वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई शुरू की।
समयबद्ध और प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप साइबर ठगी की पूरी ₹1,50,000 की राशि होल्ड करवा ली गई और बाद में शिकायतकर्ता को वापस दिला दी गई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराधों से निपटने में जिला पुलिस की त्वरित कार्यप्रणाली और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी से रहें सावधान
जिला पुलिस ऊना ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराधियों द्वारा ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर किए जाने वाले फोन या वीडियो कॉल से सतर्क रहें। पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग या कोई अन्य सरकारी एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती।
ऐसी कॉल आने पर घबराएं नहीं और किसी भी स्थिति में पैसे ट्रांसफर न करें। तुरंत कॉल काटकर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं अथवा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें।
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी की सूचना समय पर देने से ठगी गई राशि को सुरक्षित रखने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। जिला पुलिस ने लोगों से साइबर अपराधियों की नई-नई ठगी की तकनीकों के प्रति स्वयं जागरूक रहने तथा परिवार और परिचितों को भी जागरूक करने का आह्वान किया है।

