बठिंडाः जिले के लहरा मोहब्बत स्थित श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ताप विद्युत संयंत्र में बेल्ट नंबर-29 में आग लगने से बेल्ट के साथ बिजली की केबलें और अन्य उपकरण भी इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद थर्मल प्लांट की 4 में से 3 यूनिट बंद हो गईं। इससे पहले से बढ़ी हुई बिजली की मांग के बीच राज्य की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। थर्मल प्लांट के एसई कपिल देव ने बताया कि चार यूनिटों में से फिलहाल तीन बंद हैं। बेल्ट में आग लगने से केबलों और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही नुकसान की सही जानकारी सामने आएगी। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की प्राथमिकता थर्मल प्लांट की यूनिटों को जल्द से जल्द चालू करना है।
साथ ही भविष्य में दोबारा आग लगने जैसी घटना न हो, इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट की कुल क्षमता करीब 920 मेगावाट है, लेकिन 3 यूनिट बंद होने के कारण फिलहाल यहां से करीब 152 मेगावाट बिजली ही पैदा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक आग से यूनिट नंबर तीन को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इसे दोबारा चालू करने में करीब 10 से 15 दिन लगने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने अभी कोई अंतिम समय सीमा निर्धारित नहीं की है। आग लगने के बाद बेल्ट, बिजली की केबलों और अन्य उपकरणों को हुए नुकसान की जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण और कुल नुकसान का सही आकलन हो सकेगा। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार नुकसान काफी बड़ा होने की आशंका है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांटों की कुल बिजली उत्पादन क्षमता करीब 2300 मेगावाट है, जबकि मौजूदा समय में इनसे करीब 691 मेगावाट बिजली ही पैदा हो रही है। यानी करीब 1609 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित है। लहरा मोहब्बत थर्मल की 920 मेगावाट क्षमता के मुकाबले 152 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। वहीं रूपनगर थर्मल प्लांट की क्षमता 840 मेगावाट है और एक यूनिट बंद होने के कारण यहां करीब 258 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट की क्षमता 540 मेगावाट है, जबकि वर्तमान में यहां करीब 281 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। इस तरह तीनों सरकारी थर्मल प्लांटों से कुल करीब 691 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

