टेक्नोलॉजी: दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की यदि बात करें तो उसमें गूगल भी शामिल है। गूगल आए दिन अपने ऐप्स में बदलाव और नई-नई स्कीम लॉन्च करता रहता है। अब हाल ही में कंपनी ने इसी हफ्ते अपने मशहूर क्लासरुम ऐप में प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल तक के छात्रों के लिए जैमिनी चैटबॉट लॉन्च किया है। अब इस बड़े कदम से अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच में छात्रों को अपने एआई टूल्स को सिखाने और उनका इस्तेमाल करने के लिए रेस भी काफी तेज हो गई है। गूगल के इस कदम से बच्चों को सच में फायदा होगा। इसके अलावा छात्रों को यह ऐप पढ़ाई में भी मदद करेगा।
आखिर क्या होता है गूगल क्लासरुम?
दुनिया भर में 15 करोड़ से ज्यादा छात्रों और शिक्षकों के द्वारा इस्तेमाल किया जाने गूगल का क्लासरुम, स्कूल का काम जमा करने और अनाउंसमेंट देने का एक बहुत ही अच्छा लोकप्रिय प्लेटफॉर्म है। इस हफ्ते से पहले तक गूगल ने जेमिनी एआई को क्लासरुम में सिर्फ 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के छात्रों के लिए शुरु किया था। इसके साथ ही अब गूगल क्लासरुम के अंदर एक नया जैमिनी टैब शुरु हुआ है। इसकी मदद से ही हर उम्र के छात्र गणित के सवालों को हल करने और लिखने के कामों में एआई की मदद ले पाएंगे। इसके अलावा छात्र अपनी पढ़ाई के लिए स्टडी गाइड, क्विज, फ्लैशकॉर्ड और जरुरत के अनुसार तस्वीरें भी बना पाएंगे।
टेक कंपनियों के बीच में छिड़ी जंग
गूगल के मुताबिक, क्लासरुम में एआई से जुड़े ये बदलाव सिर्फ उन्हीं स्कूलों में चलेंगे जहां पर छात्रों को जेमिनी ऐप या कंपनी के दूसरे प्रोडक्ट्स जेमिनी नोटबुक का इस्तेमाल करने की इजाजत देंगे। कंपनी की ओर से यह साफ किया गया है कि स्कूल प्रशासक चाहें तो सभी छात्रों के लिए या फिर छोटी कक्षाओं जैसे कुछ खास ग्रूप्स के लिए जेमिनी का एक्सेस चालू या बंद कर पाएंगे। गूगल के इस कदम से स्कूलों और क्लासरुम पर कब्जा जमाने के लिए टेक कंपनियों के बीच में जंग छिड़ गई है।
बच्चों का डेटा रहेगा पूरा सेफ
गूगल ने यह साफ किया है कि Google Workspace For Education अकाउंट के जरिए छात्र जो भी डेटा या होमवर्क जेमिनी में भी डाल पाएंगे। उसका इस्तेमाल एआई को ट्रेन करके या विज्ञापनों के लिए कभी नहीं किया जाएगा। बच्चों का डेटा इसमें पूरी तरह से सेफ और प्राइवेट रहेगा। इसके अलावा छोटे बच्चों के लिए भी जेमिनी में खास सेफ्टी फिल्टर्स भी लगाए गए हैं ताकि वो किसी भी तरह के अनुचित या संवेदनशील कंटेंट तक न पहुंच पाएंगे।
टीचर्स का भी बचेगा समय
यह टूल सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि शिक्षकों के लिए भी मददगार साबित हो रहा है। शिक्षक इस एआई की मदद से कुछ ही मिनटों में अपना लेसन प्लान तैयार कर पाएंगे। छात्रों के लिए टेस्ट पेपर भी बना पाएंगे। इसके अलावा बच्चों की जरुरत के हिसाब से वह अलग-अलग लेवल का स्टडी मटेरियल डिजाइन कर पाएंगे। इससे शिक्षकों का भी समय बचेगा और बच्चों को सीधे पढ़ाने में लगा पाएंगे।

