फ्लोरेसः इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र के पास आज सुबह 7.7 तीव्रता से भूकंप के तेज झटके लगे। इस तेज झटकों से कई इमारतें ढह गईं, वहीं लोगों में भगदड़ मच गई। भूकंप के तेज झटकों से कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। अब तक 20 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है और कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ इमारतें गिरती और क्षतिग्रस्त होती दिखाई दे रही हैं। कई लोग भूकंप के बाद घरों और इमारतों से बाहर निकलते नजर आए। हालांकि, इन वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है।
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर यानी EMSC के मुताबिक भूकंप का केंद्र समुद्र के अंदर था और इसकी गहराई करीब 35 किलोमीटर थी। EMSC के अनुसार यह भूकंप स्थानीय समय के हिसाब से सुबह करीब 4:58 बजे रिकॉर्ड किया गया। मुख्य भूकंप के बाद कम से कम तीन आफ्टरशॉक यानी बाद के झटके भी दर्ज किए गए हैं। इससे साफ है कि धरती के अंदर हलचल अभी थमी नहीं है और आने वाले समय में और झटके महसूस किए जा सकते हैं। इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी BMKG ने इस समुद्री भूकंप के बाद देश के कुछ इलाकों के लिए तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी कर दी।
एजेंसी की टीमें अब हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि भूकंप और उसके बाद आए झटकों का असर किन इलाकों पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी (बीएमकेजी) ने भूकंप के कारण सुनामी लहरें उत्पन्न होने की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की है। हालांकि बाद में सुनामी की चेतावनी प्रशासन द्वारा हटा ली गई। बिजली कटौती और संचार में व्यवधान के कारण नुकसान का आकलन और बचाव कार्य बाधित हुआ। अस्पतालों ने एहतियात के तौर पर मरीजों को बाहर निकाला और उपकरणों को खुले में स्थानांतरित कर दिया।
भूकंप के झटके फ्लोरेस और आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए गए, साथ ही पश्चिम नुसा तेंगारा और सुलावेसी के कुछ हिस्सों में भी नुकसान की सूचना मिली है। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने पहले सुनामी की चेतावनी जारी की और तटीय निवासियों से ऊंचे स्थानों पर जाने का आग्रह किया। भूकंप के तेज झटके फ्लोरेस द्वीप के बड़े हिस्से में महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के सिक्का की रहने वाली योहाना एम्बू ने बताया कि झटके लगते ही लोग जान बचाने के लिए ऊंची जगहों की ओर भागने लगे। उन्होंने मौमेरे बंदरगाह के टर्मिनल का प्रतीक्षालय भी गिरा हुआ देखा।
