वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मानवरहित ड्रोन और उनके पुर्जों के आयात पर 100 फीसदी तक नए शुल्क लगाने का ऐलान किया है। व्हाइट हाउस के अनुसार ये फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लिया गया है। इसका मकसद ड्रोन के क्षेत्र में विदेशी आपूर्तिकर्ताओं, खासकर चीन पर निर्भरता कम करना है।
व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक नए उपायों के तहत कुछ खास तरह के मानव रहित विमान प्रणालियों पर 100 फीसदी टैरिफ लगेगा। इसमें 25 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले बड़े ड्रोन और वे सिस्टम शामिल है, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा के हिसाब से संवेदनशील क्षमताएं हैं।
इन क्षमताओं में थर्मल इमेजर और डॉकिंग स्टेशन जैसी तकनीकें शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल एडवांस ड्रोन ऑपरेशन में होता है। छोटे ड्रोन पर नई नीति के तहत 25 फीसदी का कम टैरिफ लगेगा।
व्हाइट हाउस ने कहा कि इन टैरिफ का मकसद अमेरिका में ड्रोन और उनके पुर्जों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों से विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता घटेगी और अमेरिका के अंदर एक मजबूत ड्रोन विनिर्माण उद्योग विकसित करने में मदद मिलेगी।
दुनिया के ड्रोन बाजार में अभी चीन की बड़ी भूमिका है। नए अमेरिकी टैरिफ ऐसे समय में आए हैं जब वाशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है। ज्यादातर नए टैरिफ शुल्क 3 सितंबर से लागू होने की उम्मीद है।
वाशिंगटन का कहना है कि नए टैरिफ घरेलू उत्पादन को मजबूत करेंगे और आयातित ड्रोन तकनीक पर निर्भरता कम करेंगे। वहीं यह पूरा विवाद व्यापार, तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा कर रहा है।
