अंबालाः गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में 7 अगस्त को हुई घटना को लेकर मामला गरमा गया है। इंटरनेशनल एंटी खालिस्तान टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड पंजोखरा साहिब में पहुंचे थे। आरोप है कि मंड की गाड़ी ने संगत को टक्कर मारी। जिससे गुस्साई भीड़ व निहंगों ने मंड को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। इनोवा गाड़ी को तोड़ दिया था। इस मामले में पुलिस ने मंड के बयानों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवकों को हिरासत में लिया है, जिसके बाद सिख संगत में रोष पाया जा रहा है। आज मामले को लकरे सेंकड़ों की संख्या में सिख संगत व हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के सदस्य बैठक में शामिल हुए।
जिसके बाद काफी संख्या में लोग नेशनल हाईवे पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन बोले-सो निहाल का उद्घोष करते हुए भीड़ नहीं रुकी। अंबाला-नारायणगढ़ रोड नेशनल हाइवे-7 पर जाम की स्थिति पैदा हो गई है। भीड़ की मांग है कि मंड के खिलाफ केस दर्ज हुए। साथ ही मंड पर हमले के आरोप में जिन युवाओं पर कार्रवाई हुई, उन्हें रिहा कर जाए। वहीं भारी पुलिस फोर्स सिख संगत को रोकने में लगी हुई है। इस घटना को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सदस्यों का कहना था कि गुरसिमरन सिंह मंड की शिकायत पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की, जबकि गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से दी गई शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से एकतरफा कार्रवाई का प्रभाव पैदा हो रहा है।
संगत ने सभी शिकायतों पर निष्पक्ष और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। बैठक में उस सड़क दुर्घटना का मुद्दा भी उठाया गया, जिसमें गुरसिमरन सिंह मंड से संबंधित वाहन उनके पुत्र भवजोत सिंह चला रहे थे। संगत ने मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग उठाई है। बैठक में पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और माता बलविंदर कौर पहुंचे। HSGMC अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा, उपाध्यक्ष गुरबीर सिंह तलाकौर, बलविंदर सिंह भिंडर, रुपिंदर सिंह, रुपिंदर सिंह लाडी, सुखदेव सिंह, गुरतेज सिंह, गुरजीत सिंह धमोली, हरिंदर सिंह राछेड़ी, निर्मल सिंह जौला और बलकार सिंह मर्दों साहिब मौजूद रहे।