फगवाड़ाः एफसीआई गोदाम में तैनात सिक्योरिटी कर्मियों द्वारा एपी सिक्योरिटी कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोला गया। इस दौरान उन्होंने कंपनी के ठेकेदार पर सैलेरी में हर माह की जाने वाली कटौती को लेकर गंभीर आरोप लगाए है। मामले की जानकारी देते हुए एपी सिक्योरिटी कंपनी के कर्मी सुखविंदर सिंह ने कहाकि बिना किसी सूचना के कंपनी द्वारा उनके पैसों में कटौती की जा रही है। वहीं अब कंपनी की ओर से वर्दी जारी की गई और वर्दी को लेकर 2500 की कटौती की गई। कर्मी के अनुसार उसे 10 माह नौकरी करते हो गए है। शुरुआती समय में उसे 9700 रुपए सैलेरी मिली थी, जिसके बाद 10 हजार से अधिक मिले और पिछले माह 11 हजार से अधिक जारी किए गए। लेकिन इस बार उनकी पैसों में वर्दी की कटौती को लेकर 2500 रुपए काटे गए। इसी के विरोध में कर्मियों द्वारा आज रोष प्रदर्शन किया गया।
विजय कुमार ने कहाकि पंजाब राज गोदाम में वह सिक्योरिटी के पद पर तैनात है। ऐसे में कर्मी का कहना है कि उन्हें ईएनएफटी के जरिए पहली बार सैलेरी 10 हजार रुपए मिली थी। लेकिन उसके बाद फंड काटे गए, जिसके बाद उसे एनएफटी नहीं आई। कर्मी ने कहाकि ठेकेदार किस खाते से कैसे सैलेरी दे रहा है। दरअसल, कर्मी ने इंटरनेट पर चैक किया तो पता चला कि उनकी एपी सिक्योरिटी कंपनी है और एसआईएस कंपनी भी एक ही मालिक की है। कर्मी के अनुसार सैलेरी 21 हजार 500 रुपए रखी गई है, लेकिन उन्हें कभी पैसे नहीं मिले। कर्मी ने कहाकि फंड भी सैलेरी से काटा जा रहा है और अन्य खर्चे की कटौती की जा रही है। वहीं एक कर्मी को पिछले 8 माह से फंड नहीं काटा जा रहा है। कर्मियों की मांग है कि उनका लेनदेन सरकार के साथ सीधे किया जाए।
वहीं दफ्तर के अधिकारी रमन मेहरा ने कहाकि कर्मियों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। अधिकारी ने कहाकि कंपनी की ओर से वर्दी के 2500 रुपए काटे जाने को लेकर रोष पाया जा रहा है। हालांकि इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। वहीं कर्मियों द्वारा वर्दी को लेकर पैसों की कटौती के मामले में लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों द्वारा एक दो दिन में फैसला आने पर कर्मियों को अवगत करवा दिया जाएगा।