नई दिल्ली: कर्नाटक सरकार ने जन स्वास्थ्य तो ध्यान में रखते हुए तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा पान मसाला के साथ-साथ बाकी प्रतिबांधित उत्पादों पर पूरे राज्य में एक साल के लिए रोक लगा दी गई है। सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने इस बारे में 10 अगस्त को सरकारी नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से ही यह प्रतिबंध अगले एक साल तक पूरे कर्नाटक में लागू रहेगा। इसके अंतर्गत तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला और अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक ही होगी।
सरकार ने दिए आदेश
कर्नाटक सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में खास निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान भी शुरु हुआ है। अधिकारियों की टीमें प्रतिबंधित हुई हैं। तंबाकू और निकोटिन उत्पादों की बिक्री और वितरण पर भी नजर रखी गई है। नियमों का यदि उल्लंघन होगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से यह आदेश खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 30 (2) (A) और खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियम 2011 के विनियम 2.3.4 के अंतर्गत आते नियमों का इस्तेमाल करते लिया गया है।
आम लोगों से की अपील
कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की ओर से आम लोगों से यह अपील की गई है कि अगर कहीं पर तंबाकू, निकोटिन उत्पादों के निर्माण, बिक्री या फिर बिक्री की जानकारी मिले तो फिर संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दें।
सरकार का यह कहना है कि इस कदम का मकसद राज्य में तंबाकू की लत पर रोक लगाना और स्वस्थ और नशा-मुक्त कर्नाटक के निर्माण की दिशा में काम करना है। सरकार ने इस फैसले को नशा-मुक्त और स्वस्थ कर्नाटक की दिशा में उठाया गया एक जरुरी कदम बताया है।