पटियालाः पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टियों में तकरारें शुरू हो गई है। हाल ही में कांग्रेस में दो गुटों में चल रही तकरार लगातार बढ़ रही है। वहीं अब भाजपा में नाराजगी देखने को मिल रही है। दरअसल, पंजाब भाजपा में केवल सिंह ढिल्लों के अध्यक्ष बनने के बाद से भाजपा का टकसाली कैडर नाराज चल रहा है। टकसाली वर्करों में नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। दरअसल, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता भूपेश अग्रवाल की अगुवाई में वर्करों ने मौन प्रदर्शन किया। भूपेश अग्रवाल ने प्रदेश प्रधान के फैसलों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 6 प्रधान बदलने का फैसला गलत है।
यूथ विंग और महिला विंग की कमान 2 साल पहले भाजपा में आए कांग्रेसियों को दे दी। पंजाब में भाजपा का कांग्रेसीकरण होना शुरू हो गया है। इससे लुधियाना, होशियारपुर, जालंधर सहित पूरे पंजाब में टक्साली भाजपा वर्कर पार्टी में आए नेताओं से खुश नहीं हैं। जो नेता 10 सीटें नहीं जिता पाए, उसे पद देने का कोई मतलब नहीं है। 100 बार फोन करने पर केवल सिंह ढिल्लों बात नहीं करते। यही हाल रहा तो 2027 की भाजपा की राह मुश्किल हो जाएगा। 18 जुलाई को पार्टी ने मनिंदर सिंह कपियाल (संगरूर-1), गौरव कक्कड़ (फरीदकोट), सतीश ठाकुर बावा (होशियारपुर शहरी), योगेश सपरा (होशियारपुर ग्रामीण) और सतीश असिजा (मुक्तसर) समेत कई जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की थी।
इसके बमुश्किल दो हफ्ते बाद 2 अगस्त को बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के इन सभी पांचों को उनके पदों से हटा दिया गया। 18 जुलाई को पार्टी ने फेरबदल दिया। संगरूर में कपियाल की जगह सरजीवन जिंदल को लाया गया, मुक्तसर की कमान कुलदीप सिंह भांगेवाला को सौंपी गई। संदीप सिंह बराड़ फरीदकोट के अध्यक्ष बने, जबकि संजीव मन्हास और नितेन गुप्ता नन्नू को होशियारपुर ग्रामीण और शहरी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उसी दिन भाजपा ने 12 उपाध्यक्षों, 12 सचिवों, पांच महासचिवों और अन्य पदाधिकारियों वाली एक नई राज्य सांगठनिक टीम की भी घोषणा की।
इसके अलावा पटियाला नगर निगम के पार्षद और उपनेता अनुज खोसला को पंजाब भाजपा युवा मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। खोसला तीन साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इस फेरबदल के बाद से भाजपा में विरोध शुरू हो गया। कई नेता सार्वजनिक रूप से राज्य सचिव मंथरी श्रीनिवासुलु के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि वे और ढिल्लों दोनों ही पार्टी कार्यकर्ताओं की पहुंच से दूर हो गए हैं। भूपेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही। प्रदेश में वह किसको अपनी बात बताएं।