हिसार, जींद, अंबाला, कैथल, सिरसा, भिवानी, झज्जर, नारनौल, रोहतक, रेवाड़ी, करनाल, सोनीपत, पलवल और गुरुग्राम के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी सर्किलों में होगा विशेष निरीक्षण
चंडीगढ़: हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा के निर्देशों पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने प्रदेश में सीवर कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय निगरानी समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीवर कार्यों के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो तथा भविष्य में किसी भी तरह की दुर्भाग्यपूर्ण सीवर दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो।
विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार समिति में मुख्यालय के मुख्य अभियंता, संबंधित जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी सर्किल के अधीक्षण अभियंता तथा संबंधित डिवीजन के कार्यकारी अभियंता शामिल होंगे। मुख्यालय के मुख्य अभियंता प्रदीप कुमार को हिसार एवं जींद, राजीव बटिश को अंबाला एवं कैथल, राजेश बंसल को सिरसा एवं भिवानी, शैलेंद्र सिंह को झज्जर एवं नारनौल, टी.आर. पंवार को रोहतक एवं रेवाड़ी, डी.के. सैनी को करनाल एवं सोनीपत तथा जसवंत सिंह को पलवल एवं गुरुग्राम जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी सर्किलों के निरीक्षण एवं निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समिति अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों का समय-समय पर दौरा करेगी और मौके पर जाकर यह सुनिश्चित करेगी कि सीवर कार्यों के दौरान सभी सुरक्षा मानकों, सुरक्षा उपकरणों और आवश्यक दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन हो रहा है। निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने आती है तो उसे तत्काल दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विभाग के आदेशों के अनुसार समिति अपनी निरीक्षण रिपोर्ट तुरंत मुख्य अभियंता हरियाणा को सौंपेगी। इसके बाद यह रिपोर्ट जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, ताकि आवश्यकतानुसार त्वरित निर्णय लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
औचक निरीक्षण करेगी कमेटी: मंत्री रणबीर गंगवा
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सीवर कार्यों के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों अथवा एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य प्रदेश में सीवर कार्यों को पूरी तरह सुरक्षित बनाना तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि की पुनरावृत्ति रोकना है। बनाई गई कमेटी समय समय पर औचक निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट सबमिट करेगी।