बिहार की रजनीति में बड़ा उल्टफेर देखने को मिला है। जहां, बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ गये हैं। जिसमें तीन दशक के बाद भाजपा करारी हार मिली है। बदलाव की ऐसी हवा चली, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट बांकीपुर ही उड़ गई। भाजपा को उसके गढ़ में पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर ने शिकस्त दी है।
प्रशांत किशोर मिले इतने वोट
उपचुनाव के परिणाम में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 18953 वोटों से जीत हासिल की है। इस उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को हार मिली है। वहीं, राजद तीसरे नंबर पर खिसक गई है। आपको बता दें कि ये परिणाम भाजपा के लिए काफी बड़ा झटका है।
भाजपा का अभेद्य किला ढहा
आपको बतादें, बांकीपुर विधानसभा सीट नितिन नवीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। 1990 से ही बांकीपुर भाजपा के अभेद्य किला बना हुआ था। 1990 से 2005 तक नवीन किशोर बांकीपुर (तब पटना पश्चिम सीट) से विधानसभा चुनाव जीतते रहे। उनके निधन के बाद नितिन नवीन 2006 में पहली बार उपचुनाव में जीत हासिल कर के विधायक बने। इसके बाद से वह 2025 तक इस सीट से विधायक रहे।
उपचुनाव परिणाम के बाद प्रशांत किशोर का आया बयान
उपचुनाव के परिणाम पर विजेता उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने कहा- “सम्राट चौधरी के नेतृत्व को बिहार की जनता स्वीकार नहीं करती है, ये बात स्पष्ट है। किला किसी का नहीं होता है। 30 साल का किला ढहने में 30 दिन भी नहीं लगा और इसकी बड़ी वजह ये है कि भाजपा ने चुनाव जीतने के बाद यहां पर एक अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति को, एक गलत चाल-चरित्र वाले व्यक्ति को बिहार का नेतृत्व दिया है। ये लोगों को स्वीकार्य नहीं है।”