नई दिल्लीः जंतर-मंतर में सीजेपी के द्वारा दिल्ली में प्रदर्शन जारी है। वहीं सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को एक बार फिर सुरक्षा कारणों के चलते बंद कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो के जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। CJP के विरोध के चलते सुरक्षा कारणों से DMRC ने यह फैसला लिया है। दिल्ली मेट्रो की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, इन स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक रहेगी। हालांकि, राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा फिलहाल जारी रहेगी। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मेट्रो की नवीनतम जानकारी जरूर जांच लें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
डीएमआरसी की ओर से अगले निर्देश जारी होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। वहीं संसद सत्र के बीच इस बड़े आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक जैसे प्रमुख स्थलों पर त्रि-स्तरीय (थ्री-टियर) सुरक्षा ग्रिड तैनात किया गया है। इस घेरे में दिल्ली पुलिस के जवानों की दो परतें और पैरामिलिट्री फोर्स की एक परत शामिल है। किसी भी आपात स्थिति पर काबू पाने के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों को चौबीसों घंटे तैयार रहने को कहा गया है।
विजय चौक, प्रधानमंत्री आवास, गृहमंत्री आवास, सेवा तीर्थ, सेल्फी पॉइंट, ट्रांसपोर्ट भवन-संसद मार्ग, राष्ट्रपति भवन और इंडिया गेट जैसे हाई-सिक्योरिटी वाले वीवीआईपी इलाकों में किसी भी तरह की भीड़ को रोकने के खास इंतजाम किए गए हैं। डीसीपी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पब्लिक एडवाइजरी जारी किया है। उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस साफ तौर पर ये स्पष्ट करती है कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी गई है और न ही कोई अनुमति दी गई है।’ डीसीपी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस नियम के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने, प्रदर्शन करने, जुलूस निकालने या धरना देने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
आंदोलन से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के 5 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं। इसमें सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की 25 से ज्यादा बटालियनें शामिल की गई हैं, जिनमें भारी संख्या में महिला कर्मी भी ड्यूटी पर हैं। पूरी नई दिल्ली को 15 जोन में विभाजित किया गया है. सुरक्षा बल सुबह 4 बजे से ही मुस्तैद हैं। स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी और डीसीपी रैंक के अधिकारी खुद अलग-अलग इलाकों की सुरक्षा की कमान संभाल रहे हैं। सुरक्षा बलों को निर्देश हैं कि तोड़फोड़, लूटपाट या आगजनी जैसी हरकतों से कड़ाई से निपटा जाए। पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां और दूसरे दंगा नियंत्रण वाहन संवेदनशील जगहों पर खड़े कर दिए गए हैं।
