चंडीगढ़: पंजाब के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने संपत्ति पंजीकरण को तेज, सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों में ईजी रजिस्ट्री एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा जुलाई 2025 में मोहाली से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ईज़ी रजिस्ट्री की शुरुआत किए जाने के बाद नागरिकों को संपत्ति पंजीकरण संबंधी सेवाएं प्रदान करने के तौर-तरीकों में पूरी तरह बदलाव आया है।
ईजी रजिस्ट्री का प्रभाव नागरिकों से प्राप्त फीडबैक से स्पष्ट होता है। जिन जिलों और गांवों में यह पोर्टल कार्यशील है, वहां के 6,623 टोकन-धारक नागरिकों का दो चरणों में सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण-1.0 में 1,737 लाभार्थी तथा सर्वेक्षण-2.0 में 4,886 लाभार्थी शामिल हुए। राजस्व मंत्री ने कहा कि इस सीधे संचार माध्यम ने नागरिकों को सेवा प्रदान करने के साथ-साथ जवाबदेही को भी मजबूत किया है। लगभग 94 प्रतिशत आवेदकों ने बताया कि उन्हें कोई अतिरिक्त पैसा देने के लिए मजबूर नहीं किया गया।
स. हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि पंजाब सरकार तकनीक-आधारित शासन को और मजबूत करना जारी रखेगी, ताकि नागरिक न्यूनतम असुविधा और अधिकतम पारदर्शिता के साथ सरकारी सेवाओं तक पहुंच सकें।