खंडवाः मध्य प्रदेश के खंडवा कलेक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई आम दिनों जैसी नहीं रही। दरअसल, यहां पानी, बिजली और सड़क की शिकायतें लेकर आने वाले फरियादियों के बीच एक अनोखा नजारा सबके लिए चर्चा का विषय बन गया। दरअसल, खंडवा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट के मामलों को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने जनसुनवाई में अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। वे एक युवक को डॉग की वेशभूषा में लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके नियंत्रण पर सवाल उठाए।
इस दौरान उन्होंने खंडवा नगर निगम के अधिकारियों पर आवारा कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर लाखों रुपये के भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा दिया।कुत्ते का मास्क पहने एक फरियादी को देखकर पहले तो अधिकारी भी सकपका गए। राठौर ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने पिछले 4 वर्षों में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर करीब 40 लाख रुपए खर्च किए हैं। इसके बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या कम नहीं हुई है। उन्होंने नसबंदी पर खर्च राशि, टेंडर प्रक्रिया और नसबंदी किए गए कुत्तों की संख्या की जांच कराने की मांग की। इस अनोखे प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर लोग इसे ‘क्रिएटिव विरोध’ बता रहे हैं।
कुछ लोग नेता प्रतिपक्ष के इस तरीके की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ इसे ड्रामा कह रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि इस प्रदर्शन ने अधिकारियों का ध्यान सबसे पहले खींचा। मौके पर मौजूद आम जनता भी इस प्रदर्शन को देखकर हैरान रह गई। कई लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगे। भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे हल्के में नहीं लिया। अपर कलेक्टर काशीराम बड़ोले ने जनसुनवाई के दौरान शिकायत दर्ज की और कहा कि श्वान बधियाकरण केंद्र से जुड़ी कार्यप्रणाली और वित्तीय अनियमितताओं की विस्तृत जांच कराई जाएगी। वहीं, एडीएम बड़ोले ने मीडिया से कहा कि जनसुनवाई में श्वान बधियाकरण को लेकर भ्रष्टाचार की शिकायत मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

