सहारनपुर: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। रविवार रात बड़गांव क्षेत्र के मोरा गांव के पास पिलर नीचे गिर गया। इस हादसे में दो मजदूर मलबे में दब गए, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। सहरानपुर डीएम ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अफ़वाहों से बचने की अपील की। उहोंने कहा कि थाना बड़गांव में NHAI के दिल्ली-देहरादून हाईवे के संबंध में कतिपय ग़लत तथ्य सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। इस संबंध में परियोजना निदेशक NHAI द्वारा आधिकारिक जानकारी दी गई है।
दो मजदूरों को हल्की चोटें लगी हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पुलिस को जानकारी दी गई। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की मदद से करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबे दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद भारतीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर अजब सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से इस तरह का जोखिम भरा काम करवाना सरासर लापरवाही है।
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अनुज पांडेय ने हादसे पर सफाई देते हुए कहा कि गंगनहर में पानी छोड़े जाने के कारण निर्माण कार्य देर शाम तक चल रहा था। जिस कारण यह हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस हादसे ने एक्सप्रेसवे निर्माण में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर कर दिया है। मजदूरों के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरणों का न होना और बिना पुख्ता इंतजामों के इस तरह का जोखिम भरा कार्य कराया जाना गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है।