चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत निखिल गर्ग, सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी सभाएं, जगराओं, जिला लुधियाना, जिसके पास दोराहा कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी है, को पटियाला स्थित उसके आवास पर 1,00,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को एक सहकारी सभा के प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने दोराहा में उसकी बदली के आवेदन की सिफारिश करने के बदले उससे 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की राशि प्राप्त करने के बाद आरोपी निखिल गर्ग ने शिकायतकर्ता के तबादले संबंधी सहकारी सभा दोराहा की कार्यवाही पुस्तिका में आज की प्रविष्टि में पिछली तारीख डालकर हस्ताक्षर कर दिए। इसके अलावा आरोपी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर भी रिश्वत की मांग की थी तथा रिश्वत की राशि प्राप्त करने के बाद उसने सहकारी सभा के अपने वरिष्ठ अधिकारी को इसकी सूचना भी दे दी थी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग से संबंधित पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी।
रिश्वत देने के लिए तैयार न होने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो के आर्थिक अपराध शाखा (ई.ओ.डब्ल्यू.) लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी सहायक रजिस्ट्रार को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 1,00,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। मौके पर उसके कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो के ई.ओ.डब्ल्यू. थाना, लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा मामले की आगे की जांच जारी है।
