गाजियाबादः थूक और पेशाब से खाना दूषित करके बेचने वाले कई वीडियो वायरल होने के बाद अब लोनी इलाके का एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, सोशल मीडिया में नाले के दूषित पानी में केले धोने का 10 सेकेंड का एक वीडियो वायरल होने से लोगों को भावनाएं आहत हुई हैं। सावन के पवित्र माह में जब पूजा और व्रत का दौर चल रहा है तो इस मामले ने कुछ अलग ही तूल पकड़ लिया है। इससे पहले लोनी में ही जूस में पेशाब मिलाने का मामला सामने आया चुका है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत कर इसे जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच के लिए पत्र भेज दिया है। हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो में एक युवक केले के गुच्छों को नाले के गंदे पानी में डुबोता दिखाई दे रहा है। उसके साथ मौजूद दो अन्य युवक उन केलों को क्रेट में भरते नजर आते हैं।
आरोप है कि केले नाले के दूषित पानी से साफ करने के बाद पास के गोदाम में रखे जाते हैं और फिर बाजार में बिक्री के लिए भेज दिए जाते हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता सम्राट पृथ्वी सिंह ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु फलाहार करते हैं।
ऐसे समय में इस तरह की घटना लोगों के स्वास्थ्य के साथ धार्मिक भावनाओं को भी आहत करती है। उन्होंने आवासीय क्षेत्र में संचालित गोदाम की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसीपी लोनी रामकिशन ने बताया कि वायरल वीडियो और शिकायत दोनों संज्ञान में हैं। पूरे मामले की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही वीडियो और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।