ऊना,सुशील पंडित: साइबर अपराध के खिलाफ जिला पुलिस ऊना की प्रभावी कार्रवाई के चलते साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को उसकी ठगी गई पूरी ₹44 हजार की राशि वापस दिलाई गई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संबंधित बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय से यह सफलता मिली।
जानकारी के अनुसार दिसंबर 2025 में एक शिकायतकर्ता ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से उसके साथ हुई ₹44 हजार की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत प्राप्त होते ही जिला पुलिस ऊना के साइबर सेल ने मामले में तुरंत कार्रवाई शुरू करते हुए संबंधित बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया।
समयबद्ध एवं प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस ने ठगी की पूरी ₹44,000 की राशि होल्ड करवाने में सफलता हासिल की और बाद में यह धनराशि शिकायतकर्ता को वापस दिला दी गई। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली है।
जिला पुलिस ऊना ने आमजन से अपील की है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर आने वाली फोन या वीडियो कॉल से सावधान रहें। पुलिस, CBI, ED, आयकर विभाग अथवा कोई अन्य सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती।
ऐसी कॉल आने पर तुरंत कॉल काटें और किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग अथवा OTP संबंधी जानकारी साझा न करें। किसी लालच या दबाव में आकर धनराशि भी ट्रांसफर न करें।
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी होने की स्थिति में बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई राशि को सुरक्षित रखने और उसे वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। जिला पुलिस ने लोगों से स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की है।