नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद कई देश भी राहत महसूस कर रहे हैं। दरअसल, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर हामी भर दी है। हालांकि इसकी भी कुछ शर्तें रखी गई हैं। भारत की ओर से भी ईरान-इजरायल युद्ध विराम पर कहा कि हम हमेशा शांति के पक्षधर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया है कि सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ईऱान के लावान द्वीप पर स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है। सरकारी टेलीविजन ने बताया कि फायर फाइटर मौके पर आग बुझाने के लिए तैनात हैं।
इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। इस बीच ईरान के सिर्री आईलैंड पर भी कई धमाकों की खबर है। ईरान के अधिकारियों की मानें तो अबतक यह जानकारी नहीं मिली है कि रिफाइनरी पर हमला करने के लिए कौन जिम्मेदार है। हमला सीजफायर की घोषणा के तुरंत बाद हुआ है। इसके अलावा रिपोर्ट में अन्य किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, यूएई ने भी दावा किया है कि ईरान से लगातार मिसाइलें दागी जा रहीं हैं। यूएई ने कहा कि उससे एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है। किसी ने अब तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
ईरान का लावन द्वीप फारस की खाड़ी में मौजूद स्ट्रैटेजिक रूप से महत्वपूर्ण आईलैंड है। यह लगभग 78 वर्ग किमी में फैला हुआ है। इसके अलावा लावन से ईरान बड़ी मात्रा में कच्चा तेल निर्यात करता है। यह एक कच्चे तेल निर्यात का टर्मिनल है। यहां बड़ी मात्रा में तेल रिफाइन किया जाता है। इसके अलावा यहां लावन का गैस एरिया भी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से यह करीबन 450 से 500 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। इधर, हंगरी में एक यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने संघर्ष विराम को एक नाजुक समझौता किया है, साथ ही इस हफ्ते के आखिर में होने वाली पाकिस्तान में शुरू होने वाली वार्ता से पहले तेहरान को चेतावनी भी जारी की है।