चंडीगढ़ : शहर के सेक्टर-11 में मेडिकल शॉप पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ की ऑपरेशन सेल की टीम और जम्मू-कश्मीर की पुलिस के द्वारा ज्वाइंट ऑपरेशन के जरिए दोनों को अरेस्ट किया गया है। इस मामले को लेकर चंडीगढ़ पुलिस के सभी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस कांड की जिम्मेदारी गोल्डी ढिल्लों ग्रोपु ने ऑडियो वायरल करके ली थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ में हुई किसी वारदात में इस गन का पहली बार इस्तेमाल किया गया है। यह हथियार तुर्किये में बना है। इंटरनेशनल बाजार में इसकी कीमत 8 लाख रुपए तक है। इससे पहले इस पिस्टल का इस्तेमाल पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में किया गया था।
जांच में सामने आया है कि फायरिंग करने वाले हमलावर कजहेड़ी स्थित जी अमर होटल में ठहरे हुए थे। कमरा लेने के दौरान उन्होंने अपने आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जमा कराए थे। आधार कार्ड पर जम्मू-कश्मीर के राजौरी का पता था । हालांकि, जांच के दौरान मोबाइल नंबर बंद मिले। पुलिस ने होटल का पूरा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया था।
होटल रिकॉर्ड के अनुसार, तीनों आरोपी शुक्रवार दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच होटल पहुंचे थे। होटल में कमरा लेने के बाद वे शाम को बाहर गए और कुछ समय बाद वापस लौट आए। इसके बाद शनिवार दोपहर करीब 12:55 बजे तीनों ने होटल से चेकआउट किया। होटल का ₹800 किराया चुकाने के बाद वे वहां से चले गए। पुलिस को तीनों हमलावर आइडेंटिफाई हो गए थे।
मेडिकल स्टोर के बाहर पहुंचते ही उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में इस घटना को रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कुमार मेडिकल स्टोर के मालिकों को पहले भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से रंगदारी की धमकियां मिल चुकी हैं। इसी वजह से पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से जांच रही है। हैरानी की बात यह है कि कुमार मेडिकल स्टोर से चंद कदमों की दूरी पर पुलिस का नाका लगा हुआ था, उसके बावजूद भी वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए। यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
