जालंधर (Ens): चंडीगढ़ द्वारा 25 फरवरी से 27 फरवरी तक आयोजित तीन दिनों के लघु अवधि पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक खत्म हो गया है। अनुदेशनात्मक अभिकल्पना एवं प्रस्तुतीकरण विषय पर आयोजित इस पाठयक्रम का संचालन निट्टर चंडीगढ़ के शिक्षा प्रबंधन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर ए.बी गुप्ता तथा अमनदीप कौर ने किया।
प्रिंसिपल डॉ. जगरुप सिंह ने बताया कि अलग-अलग महाविद्यालयों के 30 शिक्षकों ने इस पाठ्यक्रम में भाग लिया है। पाठ्यक्रम के दौरान परिणाम आधारित शिक्षा, शिक्षा 4.0 ब्लूम वर्गीकरण, अधिगम की प्रमुख अवस्थाएं, कक्षा प्रबंधन तथा शिक्षण की क्रमबद्ध घटनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार के साथ चर्चा की गई है ताकि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी बनाया जा पाए।

इसके अलावा राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एन.बी.ए)मान्यता पर भी विचार विमर्श किया गया। प्रोफेसर गुप्ता के द्वारा प्रत्येक व्याख्यान के बाद प्रतिभागियों से प्रतिपुष्टि ली गई और मूल्यांकन परीक्षण भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम के अंतिम दिन समापन समारोह के दौरान एच.एम.वी से प्रोफेसर डॉ. प्रेम सागर ने शिक्षकों को प्रेरित करने हेतु गीत प्रस्तुत किए हैं।

इस कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. राजीव भाटिया रहे और प्रिंस मदान ने सह-समन्वयक का दायित्व निभाया। मंच का संचालन डॉ. राजीव भाटिया ने किया। अंत में प्रिंसिपल डॉ. जगरुप सिंह ने उपस्थित व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ा है और भविष्य में भी इस तरह पाठ्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। समापन अवसर पर प्राचार्य के द्वारा प्रोफेसर ए.बी गुप्ता एवं डॉ. प्रेम सागर को सम्मानित भी किया गया।
