चण्डीगढ: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए हरियाणा दिव्यांग पेंशन नामक योजना क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जो अपने संसाधनों से भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं और जिन्हें राज्य से वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि दिव्यांग पात्रता मानदंडो में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के दिव्यांग व्यक्तियों को शामिल किया जाता है। आवेदक हरियाणा का निवासी तथा आवेदन जमा करते समय पिछले 15 वर्षों से हरियाणा का स्थाई निवासी होना चाहिए।
हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया रोगियों पर कोई आयु सीमा नहीं लागू
हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के रोगियों के लिए दिव्यांग पेंशन लेने के लिए कोई आयु सीमा लागू नहीं है, लेकिन आवेदक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। बेदी ने बताया कि हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी होने पर ही सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना के तहत वितिय सहायता दी जाएगी। थैलेसीमिया के मामले में लाभार्थी को संबंधित सिविल सर्जन द्वारा हर साल प्रमाण-पत्र सत्यापन करना होगा कि वह ठीक हो गया है या नहीं।