सड़कों की बहाली के लिए तत्काल बजट उपलब्ध कराने के लिए अजय टम्टा का आभार
प्रदेश भर में आपदा ने बहुत तबाही मचाई है सरकार के इंतजाम अभी नाकाफी हैं
ऊना/मण्डी/सुशील पंडित: पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आपदा प्रभावित मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर आपदा प्रभावितों से मिले और उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने प्रभावितों को राहत सामग्री भी बांटी और आर्थिक सहायता भी की। राहत सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदेश और प्रदेश के बाहर के दानी सज्जनों द्वारा दी गई थी। लोगों के द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति उन्होंने सभी आपदा प्रभावितों की तरफ से आभार भी जताया।
उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश में आपदा प्रभावितों से मिलकर आया हूं। हर बहुत व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। सभी जगह आपदा प्रभावित एक ही शिकायत कर रहे हैं कि उनका घर अब रहने लायक रहा नहीं। उनमें में रहना खतरे से खाली नहीं है। परंतु पूर्ण क्षतिग्रस्त मकान घोषित करने के लिए सरकार के मानक अलग हैं। इसलिए उनके घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घोषित नहीं हो रहे हैं। अतः सरकार द्वारा घोषित मुआवजा भी नहीं मिलेगा। अतः यह आग्रह है कि जो घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं और रहने लायक नहीं है उन घरों को भी पूर्ण क्षतिग्रस्त घोषित करने का प्रावधान किया जाए जिससे लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने सरकार से प्रधानमंत्री द्वारा दी गई आर्थिक पैकेज को आपदा प्रभावितों तक जल्दी से जल्दी पहुंचाने की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि लोगों के जीवन भर की कमाई आपदा में नष्ट हो गई। 30 साल पहले जिस हालत में हमने यहां काम शुरू किया था आज की हालत में हम फिर पहुंच गए हैं। हम हिम्मती हैं, हम डरने वाले नहीं हैं। हम लड़ेंगे संघर्ष करेंगे और फिर से उठ खड़े होंगे। आपकी इस लड़ाई में हमारी पार्टी, हम एक दूसरे के साथ कंधे पर कंधा मिलाकर खड़े हैं। अपने दौरे के दौरान वह थाची के आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात मिले। इसके बाद वह सोमगाड़ पंचायत के जैहरा गांव में आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़े रहेंगे और उनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, ताकि वे शीघ्र सामान्य जीवन की ओर लौट सकें साथ ही सरकार से भी प्रभावितों को शीघ्र राहत और पुनर्वास उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। जिससे जन जीवन सामान्य हो सके। उन्होंने कि आपदा बहुत बड़ी है और सरकार के इंतजाम नाकाफी हैं।
उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश में आपदा प्रभावितों से मिलकर आया हूं। हर बहुत व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। सभी जगह आपदा प्रभावित एक ही शिकायत कर रहे हैं कि उनका घर अब रहने लायक रहा नहीं। उनमें में रहना खतरे से खाली नहीं है। परंतु पूर्ण क्षतिग्रस्त मकान घोषित करने के लिए सरकार के मानक अलग हैं। इसलिए उनके घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घोषित नहीं हो रहे हैं। अतः सरकार द्वारा घोषित मुआवजा भी नहीं मिलेगा। अतः यह आग्रह है कि जो घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं और रहने लायक नहीं है उन घरों को भी पूर्ण क्षतिग्रस्त घोषित करने का प्रावधान किया जाए जिससे लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने सरकार से प्रधानमंत्री द्वारा दी गई आर्थिक पैकेज को आपदा प्रभावितों तक जल्दी से जल्दी पहुंचाने की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि लोगों के जीवन भर की कमाई आपदा में नष्ट हो गई। 30 साल पहले जिस हालत में हमने यहां काम शुरू किया था आज की हालत में हम फिर पहुंच गए हैं। हम हिम्मती हैं, हम डरने वाले नहीं हैं। हम लड़ेंगे संघर्ष करेंगे और फिर से उठ खड़े होंगे। आपकी इस लड़ाई में हमारी पार्टी, हम एक दूसरे के साथ कंधे पर कंधा मिलाकर खड़े हैं। अपने दौरे के दौरान वह थाची के आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात मिले। इसके बाद वह सोमगाड़ पंचायत के जैहरा गांव में आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़े रहेंगे और उनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, ताकि वे शीघ्र सामान्य जीवन की ओर लौट सकें साथ ही सरकार से भी प्रभावितों को शीघ्र राहत और पुनर्वास उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। जिससे जन जीवन सामान्य हो सके। उन्होंने कि आपदा बहुत बड़ी है और सरकार के इंतजाम नाकाफी हैं।