नई दिल्लीः देश की सबसे बड़ी इंडिगो एयरलाइन की फ्लाइट्स रद्द और लेट होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब एक सप्ताह में इंडिगो एयरलाइन की 4500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी है। लोगों का गुस्सा भी इंडिगो एयरलाइन के कर्मियों पर लगातार फूट रहा है। वहीं बीते दिन इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस मामले को लेकर केंद्र सरकार कार्रवाई कर रही है। जिसके बाद अब बताया जा रहा है कि इंडिगो एयरलाइन पर केंद्र सरकार कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि कंपनी की 5 फीसदी फ्लाइट्स दूसरी कंपनियों को दी जा सकती है।
डीजीसीए को इंडिगो के सीईओ और सीओओ का जवाब मिल गया है। यह बड़े पैमाने पर परिचालन संबंधी गड़बड़ियों और उड़ानों को रद्द करने के संबंध में जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के जवाब में दिया गया है। इंडिगो ने 8 दिसंबर 2025 को शाम 6:01 बजे अपने सीईओ और सीओओ दोनों के हस्ताक्षर वाला जवाब जमा किया। इधर, डीजीसीए ने भी एयरलाइन को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। हालांकि इंडिगो ने जवाब में तकनीकी गड़बड़ियों, सर्दियों की समय-सारणी में बदलाव, खराब मौसम, हवाई यातायात भीड़भाड़ और नई क्रू रोस्टरिंग (FDTL Phase-II) को वजह बताया, लेकिन नियामक अब भी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज सभी एयरलाइन ऑपरेटर्स की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में इंडिगो का परिचालन कब और कैसे सामान्य होगा, यात्री देखभाल और रिफंड प्रक्रिया की समीक्षा, एयरफेयर कैपिंग पर अपडेट, भविष्य में इंडिगो जैसी अव्यवस्था न दोहराई जाए, इसके उपाय और स्लॉट वितरण और अन्य एयरलाइंस को नई क्षमता देने पर निर्णय जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट की मानें तो इस संकट की वजह से पिछले 7 दिनों में इंडिगो के शेयर लगभग 17% गिर गए हैं, जिससे इसकी मार्केट वैल्यू 4.3 अरब डॉलर कम हो गई है। इसमें सोमवार को शेयर की कीमत में 8.3% की गिरावट भी शामिल है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में इंडिगो करीब 2,200 दैनिक उड़ानें चला रही है, लेकिन “हम इसे निश्चित रूप से कम करेंगे।”
यह कार्रवाई उन घटनाओं के बाद हो रही है, जिसमें 1 से 8 दिसंबर के बीच हजारों यात्रियों को फ्लाइट कैंसिलेशन, लंबे इंतजार और बैगेज में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। सरकार के अनुसार, इस अवधि में रद्द हुए 730,655 PNRs के लिए 745 करोड़ रुपये यात्रियों को वापिस किए जा चुके हैं। साथ ही एयरलाइन के पास फंसे करीब 9,000 बैग में से 6,000 यात्रियों को पहुंचा दिए गए हैं, जबकि बाकी बैग मंगलवार तक पहुंचाने का टारगेट है। इंडिगो संकट पर केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू कल 12 बजे लोकसभा में जवाब देंगे।