पठानकोट: राज्य भर में भिखारियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में अब इसके मद्देनजर पठानकोट जिले में भी भिखारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर खबर सामने आई है। आपको बता दें कि राज्य भर में भिखारियों के बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाए जाने के बाद अब पठानकोट में भी स्थानीय प्रशासन के द्वारा तैयारियां हो रही हैं और टीमें बनाई जा रही हैं इसमें समाज कल्याण, स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ नगर निगम प्रशासन भी शामिल होगा। उनके शामिल होने के बाद शहर के अलग-अलग स्थानों पर रहने वाले भिखारियों का डीएनए टेस्ट भी करवाया जाएगा ताकि यह पता चल पाए कि भिखारियों के पास जो भी बच्चे हैं वो उनके अपने हैं या फिर नहीं।
भिखारियों के साथ में रहने वाले बच्चे उनके हैं फिर नहीं जब इस बारे में स्थानीय लोगों के साथ बात की गई तो उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि जैसे राज्य सरकार पूरे पंजाब में बच्चों के लिए अभियान चला रही है वैसे ही पठानकोट में भी इस अभियान को बढ़ावा देना चाहिए ताकि यह पता चल पाए कि भिखारियों के पास छोड़े गए बच्चे वास्तव में उनके अपने हैं या फिर इन बच्चों को उन्होंने चुराया है।
एडीसी ने कही ये बात
इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ऑपरेशन ज्योति 2.0 शुरु किया है। इसके अंतर्गत भिखारियों के साथ रहने वाले बच्चों की पहचान हो रही है ताकि यह पता लगाया जा पाए कि बच्चे आखिरकार उन्हीं भिखारियों के हैं या फिर उन्होंने इनको कहीं से चुराया है और इसके लिए हमें आदेश भी जारी हुए हैं और हम समाज कल्याण विभाग और नगर निगम के साथ मिलकर टीमें बना रहे हैं और आने वाले दिनों में जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएनए टेस्ट भी करवाए जाएंगे ताकि दूध का दूध और पानी की पानी हो पाए और यदि कोई गलत पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।