ऊना/सुशील पंडित : समाजसेवी संस्था हिमोत्कर्ष परिषद द्वारा जिला मुख्यालय पर रोटरी गली में स्थापित संयुक्ता चौधरी हिमोत्कर्ष वूमेन ट्रेनिंग सेंटर ऊना में छात्राओं के विशेष बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है। संस्थान में कटिंग-टेलरिंग व ड्रेस मेकिंग,फैशन डिजाईनिंग के अलावा कंपयुटर एप्लीकेशन के हाबी कोर्सिस में भी प्रवेश शुरू है। संस्थान में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर एडमिशन की जा रही हैं। यहां पर प्रदेश सरकार के कौशल विकास भत्ता योजना के तहत कटिंग-टेलरिंग का एक साल का कोर्स भी चल रहा है। जिसमें एडमिशन प्राप्त छात्राओं को प्रदेश सरकार द्वारा एक हजार रुपए प्रतिमाह कौशल विकास भत्ता दिया जा रहा है।
प्रदेश सरकार के दिशा-र्निदेशों में हिमोत्कर्ष प्रशिक्षण संस्थान में छात्राओं ने उत्साह के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण कार्य में अपनी रूचि दिखाई है। हिमोत्कर्ष प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य नरेश सैणी ने कहा कि हिमोत्कर्ष महिला प्रशिक्षण केंद्र में पहली फरवरी से कटिंग टेलरिंग,फैशन डिजाईनिंग व कंपयुटर के हाबी कोर्स का नया बैच शुरू होगा,जिसके लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू है। इसमें एक वर्ष व छ:माह के विशेष हाबी कोर्स करवाए जाएगें,जिसमें छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार में स्थापित होने में सफल होगी। इसके अलावा अप्रैल-मई माह में कटिंग-टेलरिंग व ड्रेस मेंकिंग का नया बैच भी शुरू होगा। उन्होंने बताया कि संस्थान में नए कोर्सिस में प्रवेश को लेकर छात्राओं में भारी उत्साह है। प्रवेश को लेकर छात्राओं द्वारा इन्कवायरी का दौर लगातार जारी है।
इन ट्रेडस में उपलब्ध सीटें
हिमोत्कर्ष द्वारा विशेष हाबी कोर्स के रूप में फैशन डिजाईनिंग के एक साल के कोर्स व हॉबी कोर्स के तहत कटिंग टेलरिंग के शॉर्ट टर्म कोर्स के लिए 20-20 सीटें आरक्षित हैं। इसके अलावा कंपयुटर एप्लीकेशन के एक वर्ष के हाबी कोर्स के लिए 40 सीटे उपलब्ध है।
एडमिशन के लिए इस तरह करें संपर्क
इच्छुक युवक-युवतियां किसी भी कार्यदिवस पर संस्थान में पहुंचकर प्रोस्पैक्टस प्राप्त कर सकती हैं। एडमिशन संबंधी किसी भी तरह की जानकारी के लिए संस्थान के दूरभाष नंबर 01975-226070 या फिर 8628973733 पर संपर्क किया जा सकता है।
3500 से अधिक युवतियों बनी आत्मनिर्भर
संयुक्ता चौधरी हिमोत्कर्ष महिला प्रशिक्षण संस्थान पिछले करीब 30 वर्षो से महिला सशक्तिकरण में अपना भरपूर सहयोग दे रहा है। 3500 से करीब युवतियां इस संस्थान से कोर्स करके आत्मनिर्भर बनी हैं। जिनमें से कई युवतियां स्वयं की कटिंग व टेलरिंग की दुकानें चला रही हैं।

