ऊना,सुशील पंडित: राजकीय महाविद्यालय ऊना में शनिवार को रोवर्स एंड रेंजर्स इकाई तथा कैंपस ब्यूटीफिकेशन कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में ‘सावन तीज उत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन की जीवंत विरासत को सहेजना तथा विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मीता शर्मा रहीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना विकसित करते हैं।
उत्सव में बीबीए, बीसीए, बीकॉम, बीए एवं एमए के विद्यार्थियों के साथ रोवर्स एंड रेंजर्स तथा एनएसएस के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मेहंदी, मटका सजावट, पंजाबी सिठनियां, गिद्धा, नाटी तथा मिस तीज जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने खूब रंग जमाया। विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा और लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से सावन की उमंग तथा हिमाचली और पंजाबी लोक संस्कृति की सुंदर छटा प्रस्तुत की। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में प्रो. शशि कंवर, राजकीय महाविद्यालय ऊना; प्रो. अर्पणा शर्मा, S.V.S.D कॉलेज भटोली तथा प्रो. रंजू बनोटा, राजकीय महाविद्यालय बंगाणा शामिल रहीं। निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों, रचनात्मकता और पारंपरिक कला के प्रति उनके उत्साह की सराहना की।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
मटका सजावट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तनिका एवं राधिका, द्वितीय स्थान सोनाली एवं दमन तथा तृतीय स्थान शाबाज एवं अंशिका शर्मा ने प्राप्त किया।
मेहंदी प्रतियोगिता में अमनदीप ने प्रथम, साक्षी ने द्वितीय तथा सरगुन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मेहंदी प्रतियोगिता में बीबीए विभाग ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
पंजाबी सिठनियां प्रतियोगिता में रोवर्स एंड रेंजर्स इकाई ने प्रथम, बी.वोक विभाग ने द्वितीय तथा एनएसएस टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
मिस तीज प्रतियोगिता में कशिश ने प्रथम, रिंकल ने द्वितीय तथा डिंपल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के आयोजन में रोवर्स एंड रेंजर्स इकाई तथा कैंपस ब्यूटीफिकेशन कमेटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरे परिसर में सावन के रंग, लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उत्सव का मनोहारी वातावरण निर्मित किया। विद्यार्थियों और महाविद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कार्यक्रम को यादगार बनाया।
सावन तीज उत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ यह संदेश भी दिया कि परंपराएं तभी जीवित रहती हैं, जब नई पीढ़ी उन्हें केवल जानती नहीं, बल्कि उन्हें जीती भी है।

