75 लाख में हुआ था सौदा
ऊना/ सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरटीआई की आड़ में जिला ऊना के क्रेशर मालिकों व लीज होल्डरों को धमका कर पैसे ऐंठने के मामले में एक आरटीआई एक्टिविस्ट को 25 लाख रुपये की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ा है। विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार ऊना का यह तथाकथित आरटीआई एक्टिविस्ट स्टोन क्रशरों और माइनिंग लीज होल्डर्स की आरटीआई लेता था । आरोप है कि वह उनकी कमियों की सूची बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया करता था । क्रेशर यूनियन इस आरटीआई एक्टिविस्ट की तथाकथित ब्लैकमेलिंग से पिछले काफी समय से परेशान थी । सभी क्रशर मालिकों से बातचीत में आरोपी ने तथाकथित रूप से डेढ़ करोड़ की मांग की , जिसके बाद आपसी बातचीत में 75 लाख रुपये में डील फाइनल हो गई।
जिसके बाद पहली किश्त के रूप में 25 लाख रुपये देना तय हुआ , जिसके लिए चंडीगढ़ के एक कार्यालय का स्थान निर्धारित किया गया । जिसकी सूचना विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ऊना को पहले ही दे दी गई थी । जिस पर विजिलेंस ने जैसे ही जाल बिछाया और जैसे ही तथाकथित आरटीआई एक्टिविस्ट ने तय की गई रकम ली तो विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे धर दबोचा । फिलहाल विजिलेंस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है ।
