गुरदासपुरः हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में दो दिन से जारी बारिश के कारण नदी उफान पर है। दीनानगर के सरहदी काहना गांव में स्पर बांध में दरार आ गई थी, जिसके बाद आज सुबह 3 बजे तक पानी गांव में घुस गया। इसी तरह, दीनानगर-नरोट जैमल सिंह रोड पर गांव पम्मा के पास मंगलवार सुबह पांच बजे धुस्सी बांध में दरार आ गई। बाढ़ का पानी गांव पम्मा और कोहलियां में घुस गया है। यह पानी अब गांव किलपुर और उदीपुर एमां की ओर बढ़ रहा है।
मकौड़ा पत्तन क्षेत्र में चक्क राम सहाय और मकौड़ा गांव जलमग्न हो गए हैं। नदी में पानी आने से कई लोग फंस गए। पुलिस और एनडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू करके लोगों को बचाया गया। वहीं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई है। इसकी वीडियो भी सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता है कि पानी का बहाव काफी तेज है, लेकिन पुलिस और एनडीआरएफ की टीम द्वारा रस्सियों के सहारे रेस्क्यू करके लोगों को बाढ़ ग्रस्त इलाकों ने निकाला जा रहा है।
पाकिस्तान सीमा से सटे सात गांव – तूर, चेबे, भरियाल, लसियान, मम्मी चक्क रंगा, कजले और झूंबर भी उज्ज और रावी नदी की बाढ़ में घिर गए हैं। इन गांवों का पिछले तीन दिन से शेष भारत से संपर्क टूटा हुआ है। जिला प्रशासन ने गुरदासपुर जिले के सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों को मंगलवार के लिए बंद कर दिया है।
प्रशासन ने गांव गाहलड़ी के गुरुद्वारा टाहली साहिब और सरकारी स्कूल और गांव झबकरा के सरकारी स्कूल में राहत शिविर स्थापित किए हैं। नदी तटबंध के पास के गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। गांव टांडा में भी धुस्सी बांध के टूटने का खतरा है। ग्रामीण बारिश के बीच भी बांध को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।