अमृतसरः पंजाब में युद्ध नशे के विरुद्ध चलाई गई मुहिम के तहत कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने सीमा पार नारको-आतंकवादी नेटवर्कों को झटका देते हुए हेरोइन तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी करके 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपियों के कब्जे से 8 किलो 187 ग्राम हेरोइन बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में सोनू सिंह उर्फ सोनू भी शामिल है। जिसके खिलाफ पहले ही कई एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं। यह गिरोह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली खेपों को आगे बांटने के लिए होटलों को डंप सेंटर के रूप में इस्तेमाल करता था।
पुलिस प्रारंभिक जांच के दौरान पता लग चुका है कि युवक फिल्मी स्टाइल में हेरोइन की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि भीड़ वाले बाजार या ट्रैफिक वाले इलाकों में सामग्री छोड़ कर आरोपी आगे सप्लाई करते थे, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सोनू सिंह के खिलाफ पहले ही 6 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों में गुरसेवक सिंह प्राइवेट टीचर है। यह नया तरीका अपना कर होटलों में कमरे लेकर बैग में हेरोइन छुपा कर रखता था और फिर समय देख कर सप्लाई करता था। इसके अलावा विशालदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह और अर्शदीप सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
विशालदीप के खिलाफ पहले ही लुधियाना में केस दर्ज है, जबकि अर्शदीप पर अमृतसर रूरल में मामला चल रहा है। पुलिस ने बताया कि हालिया बार्डर इलाकों में आई बाढ़ का भी गिरोह ने फायदा उठाया। ड्रोन के जरिए पानी वाले इलाकों में खेप फेंकना उनके लिए आसान हो गया था। गुरसेवक सिंह पिछले कुछ महीनों से काफी एक्टिव था और कई खेपों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट कर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई कर चुका था। पुलिस की तरफ से हैंडलर, सप्लाई चेन और वित्तीय नेटवर्कों की पहचान के लिए अन्य जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि यह बड़ा नेटवर्क था, जो सीमा पार से काम कर रहा था और जिसे अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया गया है।
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