लुधियानाः क्राइम की वारदातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने पंजाब के अलग-अलग जिलों में ATM उखाड़कर वारदातों को अंजाम देने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार और आधुनिक कटर उपकरण बरामद किए है। आरोपियों की पहचान जसमिंदर सिंह उर्फ जस्स और दीपक कुमार उर्फ दीपू बिहारी (दोनों निवासी अमृतसर) के रूप में हुई है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि यह गैंग दिन में रेकी करता था और रात के अंधेरे में गैस कटर की मदद से चंद मिनटों में ATM के नोटों वाले वॉल्ट (तिजोरी) को काटकर साफ कर देता था।
पुलिस ने बताया कि 25 मई पुलिस ने सबसे पहले हाईटेक सर्विलांस की मदद से आरोपी जसमिंदर सिंह उर्फ जस्स को गिरफ्तार किया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल होने वाली अर्टिगा गाड़ी (PB-01-D-0707) बरामद हुई। जिसके बाद 2 जून को जस्स की पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अमृतसर के एक ठिकाने पर रेड की और पुलिस पर गोली चलाने वाले मुख्य आरोपी दीपक कुमार उर्फ दीपू बिहारी को भी दबोच लिया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल .32 बोर की पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक डकैती में इस्तेमाल होने वाला पूरा सेटअप बरामद किया है। जिसमें 1 पिस्टल (.32 बोर) और 2 कारतूस,1 इंडस्ट्रियल गैस कटर सेट और गैस सिलेंडर,1 पोर्टेबल कटिंग मशीन,1 मारुति सुजुकी अर्टिगा कार (गेटवे व्हीकल) शामिल है।
मामले का खुलासा करते हुए सीपी स्वपन शर्मा ने बताया कि बीती 19 और 20 मई की आधी रात को गैंग ने लुधियाना के नूरवाला रोड, शिवपुरी चौक के पास एक एटीएम को निशाना बनाया था। आरोपी जब गैस कटर से एटीएम मशीन को काट रहे थे, तभी अचानक वहां बिजली का शॉर्ट-सर्किट हो गया और मशीन में आग लग गई। आग भड़कते देख आरोपी घबरा गए और वहां से भागने लगे। इसी दौरान गश्त कर रही पीसीआर (PCR Tango-6) की टीम ने जब इन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से पुलिस पार्टी पर सीधे गोलियां चला दीं।
पुलिस ने किसी तरह खुद को बचाया, जिसके बाद थाना बस्ती जोधेवाल में आरोपियों के खिला FIR नंबर दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि दीपक कुमार उर्फ दीपू बिहारी के खिलाफ 2007 से 2022 के बीच इस पर अमृतसर और बठिंडा में 21 संगीन मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या (302), हत्या का प्रयास (307), लूट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट शामिल हैं। जसमिंदर सिंह उर्फ जस्स निवासी न्यू कोटमित सिंह, तरनतारन रोड, अमृतसर इस पर पहले कोई केस दर्ज नहीं था, लेकिन इस गैंग में शामिल होकर यह रेकी और लॉजिस्टिक्स का काम संभाल रहा था। |
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने अमृतसर के 6 बदमाशों के साथ मिलकर लुधियाना, जालंधर और कपूरथला (फगवाड़ा) में कई एटीएम उड़ाए हैं। पुलिस ने इनके पास से भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज 5 बड़े मामलों को ट्रेस कर लिया है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस गैंग में कुल 6 लोग शामिल थे। 2 मुख्य आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि इनके 4 साथी अभी भी फरार हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी का पैसा कहां इन्वेस्ट किया गया है और इनके बैंक खाते खंगाले जा सकें। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
