मोगाः जिले के गांव कमाल के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापकों को 11वीं कक्षा में पढ़ते 16 वर्षीय जशनदीप को डांटना व मारना उस समय महंगा पड़ गया, जब जशनदीप ने अपनी बेइज्जती महसूस करते हुए कोई जहरीली चीज पी ली। जिसके बाद 27 दिन विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी व मौत की बीच हुई कश्मकश में जशनदीप ने दम तोड़ दिया। जशनदीप की मौत के बाद मृतक बच्चे के परिवार वालों द्वारा गांव से निकलते जीटी रोड पर धरना भी लगाया गया, लेकिन पुलिस ने समय रहते मृतक बच्चे के पिता कुलविंदर सिंह के बयानों के आधार पर सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कमाल के 6 अध्यापकों के खिलाफ बनती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।
जिक्रयोग्य है कि जब जशनदीप अस्पताल में उपचाराधीन था, तो उसके घर वालों ने एक वीडियो भी बनाई थी, जिसमें जशनदीप स्कूल के 6 अध्यापकों का नाम लेते हुए उसे तंग करने की बात कह रहा है। मृतक बच्चे के चाचा सुखप्रीत व गुरप्रीत ने बताया कि वे लोग हठूर गढ़ के निवासी हैं। उनका भतीजा कमालके के सरकारी स्कूल में पढ़ता था। 23 अक्टूबर को स्कूल के अध्यापकों द्वारा उनके भतीजे की पिटाई की गई थी व उसे निरंतर तंग परेशान किया जाता था। जिससे उनका बच्चा अपनी बेइज्जती महसूस करते हुए बिना घर पर बताए कोई जहरीली चीज पीकर सो गया। जिस पर जब रात को उसकी तबीयत बिगड़ी तो वे लोग उसे अस्पताल ले गए।
लेकिन उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे रैफर कर दिया गया। जिसके बाद उनके भतीजे जशनदीप ने पिछले 27 दिनों में विभिन्न शहरों के अस्पतालों में उपचार अधीन रहने के बाद आखिरकार शुक्रवार को दम तोड़ दिया। इस मौके पर पीड़ित परिवार वालों ने पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। धर्मकोट के डीएसपी जसवरिन्दर सिंह ने मीडिया के समक्ष मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कमालके के स्टूडेंट जशनदीप को स्कूल के अध्यापकों द्वारा डांटा गया था, जिसके रोषस्वरूप जशनदीप ने अपनी बेइज्जती महसूस करते हुए कोई जहरीली चीज पी ली व विभिन्न हस्पतालों में उपचार अधीन रहने के बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। डीएसपी ने बताया कि मृतक विद्यार्थी के पिता कुलविंदर सिंह के बयानों के आधार पर स्कूल के 6 अध्यापकों के खिलाफ मामला दर्जकर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
