फ़िरोज़पुरः जिले के सतियेवाला गांव के सरपंच कुलदीप सिंह भुल्लर ने अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने परिवार की सहमति से भगत पूरन सिंह पिंगलवाड़ा श्री अमृतसर साहिब को 3 करोड़ रुपए से अधिक का दान किया है। इसमें डेढ़ किलो सोना और डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक के बॉन्ड शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने जमीन और घर बच्चों के नाम कर दिए हैं। सरपंच ने गांव के स्कूल और गुरुद्वारा साहिब को भी 10-10 लाख रुपये की एफडी डोनेट की। सरपंच के परिवार ने भी उसके इस फैसले में खुलकर साथ दिया। परिवार ने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है कि उन्होंने समाज कल्याण में अपना सारी उम्र का योगदान दिया।
सरपंच ने कहाकि इसका मक़सद है कि आने वाले समय में बच्चों की पढ़ाई और धार्मिक व सामाजिक कार्यों के लिए आर्थिक सहायता लगातार मिलती रहे। ख़ास बात यह है कि कुलदीप भुल्लर के इस फ़ैसले में उनके परिवार ने भी पूरा साथ दिया। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी सिर्फ़ अपने परिवार तक सीमित नहीं रखी, बल्कि समाज और ज़रूरतमंदों की सेवा को भी अपना फ़र्ज़ समझा। कुलदीप भुल्लर की यह पहल सिर्फ़ दान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सोच है। करोड़ों की दौलत पीछे छोड़ जाने की बजाय, इंसानियत की मिसाल छोड़ कर जाने की यह ललक आज पूरे समाज के लिए एक बड़ा संदेश बन गई है। दरअसल, पिछले सप्ताह कुलदीप सिंह भुल्लर अपने परिवार के साथ पिंगलवाड़ा पहुंचे।
उन्होंने वहां प्रभारी बीबी इंदरजीत कौर को वसीयत की प्रति सौंपी। उनका कहना है कि व्यक्ति की वास्तविक संपत्ति उसके अच्छे कर्म है जो उसके जाने के बाद भी समाज के काम आते रहे। कुलदीप सिंह भुल्लर का सामाजिक सरोकार यहीं खत्म नहीं होता। योग केंद्र सतियेवाला में युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालने और विभिन्न बीमारियों से राहत दिलाने के लिए योगासन के माध्यम से नि:शुल्क सेवा भी दी जा रही है। उन्होंने अपील की कि यदि आसपास कोई युवक नशे के दलदल में फंसा है तो उसे उपेक्षित न छोड़ें, बल्कि योग केंद्र से संपर्क कराकर उसे सामान्य जीवन की ओर लौटाने का प्रयास करें। अब तक 50 से अधिक बार अपना रक्तदान कर चुके भुल्लर ने मृत्यु के बाद अपने सभी अंग दान करने का संकल्प भी लिया है। पिंगलवाड़ा प्रभारी को अपनी वसीयत की कॉपी देते कुलदीप सिंह भुल्लर। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी और दोनों बेटे भी मौजूद रहे।