अमृतसरः बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शुक्रवार को पंजाब बंद का आह्वान दिया गया। बंद का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखा गया है। बंद का असर अमृतसर में भी देखने को मिला, जहां कई बाजारों और व्यापारिक संस्थानों के साथ-साथ बस सेवाएं भी प्रभावित रहीं। इस कारण जरूरी कामों के लिए घर से निकले लोगों और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अमृतसर के बस स्टैंड पर भी बंद का असर साफ नजर आया। जानकारी के अनुसार लंबी दूरी के कुछ रूटों पर चलने वाली बसें सुबह तड़के बस स्टैंड से रवाना हो गई थीं, पर बाद में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। आम दिनों के मुकाबले बस स्टैंड पर चहल-पहल भी बहुत कम दिखाई दी।
कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), शिरोमणि अकाली दल अमृतसर, अकाली दल वारिस पंजाब और अन्य सिख जत्थेबंदियों की ओर से समर्थन दिया गया है। बंद के समर्थन में विभिन्न किसान और सिख जत्थेबंदियों की ओर से भी लोगों से सहयोग देने की अपील की गई। इस मौके पर अकाली दल वारिस पंजाब के अमृतसर मीडिया इंचार्ज और प्रवक्ता शमशेर सिंह पंधेर ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे बंदी सिंह हैं, जो अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके हैं, पर इसके बावजूद उनकी रिहाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से लगातार संघर्ष किया जा रहा है। शमशेर सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पंजाब सरकार की ओर से सख्ती की गई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक इस कार्रवाई के विरोध में ही 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान दिया गया है। उन्होंने कहा कि अकाली दल वारिस पंजाब इस बंद का पूर्ण समर्थन करता है और लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से इसमें शामिल होने की अपील करता है। उन्होंने दुकानदारों, व्यापारियों और अन्य संस्थानों से अपने कारोबारी संस्थान बंद रखकर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग के समर्थन में आवाज बुलंद करने की अपील की।
वहीं अमृतसर बस स्टैंड पर पहुंचे एक बस चालक ने बताया कि वह सुबह कपूरथला से बस लेकर अमृतसर पहुंचा था। रास्ते में करीब पांच यात्री ही मिले और अमृतसर पहुंचने के बाद भी बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या बहुत कम दिखाई दी। उन्होंने कहा कि बंद के कारण बस सेवा पर भी असर पड़ा है। बस स्टैंड पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि वे जरूरी काम के लिए बाहर जाने वाले थे, पर यहां पहुंचने पर उन्हें पंजाब बंद के बारे में जानकारी मिली। यात्रियों ने कहा कि बंद के कारण बसें उपलब्ध न होने से उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और अपने जरूरी कामों को लेकर वे असमंजस की स्थिति में हैं। कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान दिया गया है। इस दौरान अमृतसर सहित पंजाब के विभिन्न हिस्सों में बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। जत्थेबंदियों की ओर से लोगों से बंद के दौरान शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से दूर रहने की अपील की गई है।

