मशहूर सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी गायकी से लोगों को खूब हंसाया
अमृतसर: महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा देने के मकसद से पवित्र शहर अमृतसर के रणजीत एवेन्यू स्थित दशहरा ग्राउंड में तीन दिन के बड़े ‘पंजाब सखी शक्ति मेला 2026’ का औपचारिक उद्घाटन किया गया। मेले का उद्घाटन पंजाब के कैबिनेट मंत्री एस. हरभजन सिंह ETO ने किया।
उद्घाटन के पहले ही दिन, मशहूर सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी रूहानी गायकी और पॉपुलर गानों की प्रस्तुति से ऐसा समय बिताया कि पूरा पंडाल तालियों की आवाज से गूंज उठा। यह मेला 26 सितंबर से शुरू होकर 28 सितंबर तक चलेगा।
मेले का उद्घाटन करते हुए कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं को मज़बूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इस मेले में पंजाब के करीब 8 जिलों से महिला उद्योगपतियों और सेल्फ हेल्प ग्रुप्स ने हिस्सा लिया है। उनके लिए करीब 75 खास स्टॉल लगाए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में महिलाएं कई तरह के बढ़िया क्वालिटी के प्रोडक्ट बनाती हैं। मेले का मुख्य मकसद इन महिला उद्योगपतियों के प्रोडक्ट्स को सीधे आम लोगों और बड़े बाज़ार से जोड़ना है, ताकि बिचौलियों की भूमिका कम हो और महिलाओं को अपनी मेहनत की पूरी कीमत और सीधा फ़ायदा मिल सके।
हरभजन सिंह ETO ने आगे कहा कि सरकार सोशल सिक्योरिटी और महिला सशक्तिकरण डिपार्टमेंट के ज़रिए महिलाओं को आसान और रियायती दरों पर लगातार लोन, आर्थिक मदद और सरकारी स्कीमों का फ़ायदा दे रही है। इससे ज़्यादा से ज़्यादा महिलाएं अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित हो रही हैं।
मेले में हिस्सा लेने वाली महिला उद्योगपतियों में भी काफ़ी उत्साह था। आजीविका सेल्फ-हेल्प ग्रुप (बाबा जीवन सिंह ग्रुप) की मेंबर बलजिंदर कौर ने बताया कि उनके ग्रुप से करीब 50 महिलाएं जुड़ी हैं। ये सभी मिलकर हाथ से बने फैंसी सूट, कढ़ाई, हैंड पेंटिंग और ऊनी स्वेटर तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि अमृतसर में पहली बार लग रहे इस स्टेट-लेवल मेले में स्टॉल लगाकर उन्हें एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिला है, जहां लोग उनके हैंडीक्राफ्ट और कला की तारीफ कर रहे हैं।
इस तीन दिन के मेले में शॉपिंग के साथ-साथ खाने-पीने के अलग-अलग स्टॉल और कल्चरल प्रोग्राम भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और ऑर्गनाइजर ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में मेले में पहुंचें और महिला इंडस्ट्रियलिस्ट का हौसला बढ़ाएं।